ePaper

केला की खेती से किसान आय करें दोगुनी : डाॅ सिंह

Updated at : 18 Jun 2024 7:18 PM (IST)
विज्ञापन
केला की खेती से किसान आय करें दोगुनी : डाॅ सिंह

केला का प्रवर्धन सकर या प्रकन्द व ऊतक संवर्धन (टिशु कल्चर) विधि से केले की उन्नत प्रजातियों के पौधे तैयार किये जाते हैं.

विज्ञापन

पूसा : डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पादप रोग व नेमेटोलॉजी विभागाध्यक्ष सह अखिल भारतीय फल अनुसंधान परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ एसके सिंह ने कहा कि बिहार के केला उत्पादक किसानों के लिए कावेन्डीश , मालभोग, कोठिया केला के प्रभेदों को लगाने का समय जून-जुलाई एवं सितम्बर-अक्टूबर माह उपर्युक्त है. उन्होंने कहा कि केला का प्रवर्धन सकर या प्रकन्द व ऊतक संवर्धन (टिशु कल्चर) विधि से केले की उन्नत प्रजातियों के पौधे तैयार किये जाते हैं. कहा कि इस विधि से तैयार केला की खेती करने से पौधा स्वस्थ व रोगरहित होता है. डॉ सिंह ने कहा कि राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के केला की 79 से ज्यादा प्रभेद विकसित है. उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि केला की खेती से आय को दोगुनी करने के लिए खेत की तैयारी व बाग लगाने के समय, पंक्ति से पंक्ति दूरी व संकर का चुनाव के साथ ऊतक संवर्धन विधि से तैयार पौधों का चयन सहित अन्य बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन