Samastipur News:मिड-डे मील में अब 10% कम होगा खाद्य तेल, स्कूलों में होंगे स्वास्थ्य राजदूत

सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन में तेल की मात्रा में कटौती की जाएगी. प्रत्येक बच्चे पर जितना तेल भोजन बनाने में इस्तेमाल होता है उसमें 10 फीसदी की कटौती की जाएगा.
Samastipur News:समस्तीपुर: सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन में तेल की मात्रा में कटौती की जाएगी. प्रत्येक बच्चे पर जितना तेल भोजन बनाने में इस्तेमाल होता है उसमें 10 फीसदी की कटौती की जाएगा. बच्चों का स्वास्थ्य ठीक रहे और मोटापा या लिवर की बीमारी की चपेट में न आए इसके लिए यह कदम उठाया गया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है. बच्चों में मोटापा तथा ओवर वेट की बढ़ समस्या को देखते हुए यह सलाह दी गई है. एडवाइजरी में खाद्य तेल के अत्यधिक सेवन के प्रतिकूल प्रभावों और मोटापे से इसके संबंध के बारे में छात्रों को शिक्षित करने की तत्काल आवश्यकता बताई गई है. स्कूलों में स्वास्थ्य राजदूत नियुक्त होंगे. स्वस्थ खानपान पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी. छात्रों को व्यायाम और योग की आदत डालने पर जोर दिया जाएगा. शिक्षकों को बच्चों में मोटापे की पहचान करने और अभिभावकों को संतुलित भोजन व गतिविधियों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं. छात्रों को घर पर भी कम तेल वाले व्यंजन बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. चिकित्सक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पोषण विशेषज्ञ सेमिनार व कार्यशालाओं के जरिए जागरूकता फैलाएंगे. सरकारी स्कूलों में कम तेल में मध्याह्न भोजन का खाना पकाने को लेकर ट्रेनिंग मिलेगी कॉलेज से होमसाइंस की छात्राओं को बुलाकर ट्रेनिंग दी जाएगी.
बच्चों में मोटापा तथा ओवर वेट की बढ़ समस्या को देखते हुए दी गई यह सलाह
निदेशक ने इसको लेकर निर्देश दिया है. स्कूलों में बने स्वास्थ्य राजदूत बच्चे इसकी निगरानी करेंगे. निदेशक ने सभी स्कूल हेडमास्टर को गाइडलाइन जारी की है. इसमें कहा गया है कि अत्यधिक तेल का सेवन मोटापा, हृदय रोग और पाचन तंत्र संबंधी परेशानी जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है. इसलिए, छात्रों के बीच एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए दैनिक भोजन में तेल के सेवन के बारे में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है. स्कूलों में बनने वाले भोजन में फोर्टिफाइड चावल, गेहूं, मोटे अनाज, पुदीना और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना है. प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए 5 ग्राम और उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए 7.5 ग्राम तेल निर्धारित है, ताकि वसा से प्राप्त कैलोरी का सेवन सुनिश्चित किया जा सके.
भोजन में बच्चों देनी है 50 से 75 ग्राम हरी सब्जी
मध्याह्न भोजन में बच्चों को खाद्यान्न के अनुपात में हरी सब्जी देने की भी मात्रा तय हैं. प्रति बच्चे 50 से 75 ग्राम हरी सब्जी खिलाना है. एमडीएम के मेन्यू में प्रति बच्चों को कितना ताजे सब्जी खिलाना है इसकी भी मात्रा निर्धारित है. कक्षा एक से पांच व कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों के लिए अलग-अलग मात्रा तय हैं. कक्षा एक से पांच के बच्चों को एक सौ ग्राम चावल, 20 ग्राम दाल, 50 ग्राम ताजे हरी सब्जी, 05 ग्राम खाद्य तेल व मसाले खिलाना है. वहीं कक्षा छह से आठवीं तक के हर एक बच्चे को 150 ग्राम चावल व 30 ग्राम दाल की मात्रा खिलाना है. जबकि 75 ग्राम सब्जी व 7.5 ग्राम खाद्य तेल व मसाला का मात्रा प्रति बच्चे की दर से प्रयोग करना है. इसी मात्रा को बच्चे के अनुपात में खपत को पंजी पर अंकित अब करना है. साथ ही खपत की मात्रा की दर भी संधारित करना है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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