Samastipur News:सॉफ्टवेयर बदलने पर होगा छात्रों का एग्रीमेंट
Published by : KRISHAN MOHAN PATHAK Updated At : 22 Nov 2025 6:21 PM
विकसित बिहार के सात निश्चय योजना में शामिल आर्थिक हल युवाओं को बल योजना का जिले में बुरा हाल है.
Samastipur News:समस्तीपुर : विकसित बिहार के सात निश्चय योजना में शामिल आर्थिक हल युवाओं को बल योजना का जिले में बुरा हाल है. इस योजना के तहत सरकार ने विद्यार्थियों को उच्च और तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए चार लाख तक के ऋण का प्रावधान तो किया है, परंतु इसका लाभ लेने के लिए छात्र-छात्राओं को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. तमाम प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद जिला के लगभग दो हजार छात्र छात्राओं का आवेदन भुगतान के लिए जहां-तहां पड़ा हुआ है. जिसके कारण सरकार के इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ छात्र छात्राओं को समय से नहीं मिल पा रहा है. इधर संस्थान से बच्चों पर शिक्षण ऋण देने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है परंतु सरकारी प्रक्रियाओं के बीच में जिन बच्चों का इकरारनामा अबतक नहीं हुआ है उनका हाल बेहाल है. छात्र आयुष राज ने बताया कि उन्होंने इस योजना का लाभ लेने के लिए जुलाई में आवेदन किया लेकिन आज तक इकरारनामा की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. समय से ऋण नहीं मिलने के कारण बच्चों का सेमेस्टर फीस जमा नहीं हो पा रहा है तो वहीं स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि नहीं मिलने से छात्र छात्राओं को रहने, किताब व अन्य शिक्षण सामग्री खरीदने में बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
ब्याज को पूरी तरह किया गया माफ
सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर ब्याज को पूरी तरह माफ कर दिया है. इस निर्णय के तहत छात्र अब 7 से 10 वर्षों में आसान किस्तों में बिना ब्याज के ऋण चुका सकेंगे. लेकिन इस निर्णय के बाद तकनीकी अड़चने होने लगी. जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र पर मौजूद अभिभावकों व छात्रों ने बताया कि सरकार की घोषणा के बाद से साॅफ्टवेटर को चेंज किया जा रहा है ताकि इस योजना में जो बदलाव हुआ है उसे लागू किया जा सके. विदित हो कि 02 अक्टूबर 2016 से बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लागू है. इस योजना के तहत अब 12वीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें अधिकतम 4 लाख रुपये शिक्षा ऋण सामान्य आवेदक को 04 प्रतिशत ब्याज दर पर तथा महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेन्डर आवेदक को मात्र 01 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाता था. अब अब सभी पात्र आवेदकों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण बिना किसी ब्याज के मिलेगा. 2 लाख रुपये तक का ऋण अब अधिकतम 84 मासिक किस्तों (7 वर्ष) में चुकाया जा सकता है, पहले यह 60 किस्तों (5 वर्ष) में था. 2 लाख रुपये से अधिक का ऋण अब अधिकतम 120 मासिक किस्तों (10 वर्ष) में चुकाया जा सकता है, पहले यह 84 किस्तों (7 वर्ष) में था. अभिभावक राजू कुमार सिंह बताते है कि यह पहल उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करेगी और अधिक छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगी लेकिन प्रक्रिया पूर्ण होने में काफी समय लग रहा है जो छात्रहित में नहीं है.
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