वार्ड के विकास की डोर पर जीत के सपने

Published at :17 Apr 2017 6:14 AM (IST)
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वार्ड के विकास की डोर पर जीत के सपने

नगर परिषद . मतदान की तारीख घोषित होते ही वार्ड के विकास में िदन-रात जुटे पार्षद समस्तीपुर : नगर परिषद चुनाव की तारीख निर्धारित हो जाने के बाद वार्ड के विकास को अंतिम पायदान तक पहुंचाने की जी तोड़ कोशिश वार्ड पार्षदों द्वारा होने लगी है. वार्ड पार्षद इसके लिये दिन रात एक किये हुए […]

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नगर परिषद . मतदान की तारीख घोषित होते ही वार्ड के विकास में िदन-रात जुटे पार्षद

समस्तीपुर : नगर परिषद चुनाव की तारीख निर्धारित हो जाने के बाद वार्ड के विकास को अंतिम पायदान तक पहुंचाने की जी तोड़ कोशिश वार्ड पार्षदों द्वारा होने लगी है. वार्ड पार्षद इसके लिये दिन रात एक किये हुए हैं. वार्ड के विकास की डोर पर उन्होंने जीत का सपना देख रखा है. छोटी शिकायत को भी अनसुना नहीं कर उसे तुरंत दूर किया जा रहा है. इस समय तो हर व्यक्ति की बातों पर ध्यान रखा जा रहा है.
निकाय चुनाव में उतरने की दमदार तैयारी
: नगर परिषद के लिए होने वाले वार्ड पार्षदों के चुनाव में कई लोग दमदार तरीके से मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं. निकाय चुनाव में कुछ क्षेत्र को आरक्षित हो जाने से कई लोग दूसरे क्षेत्र से चुनाव लड़ने का फैसला ले रहे हैं. दमदार तरीके से चुनावी मैदान में उतरने वाले कई निवर्तमान पुरुष व महिला वार्ड पार्षद का नाम उभरकर सामने आने लगा है. राजनीति गलियारों में चर्चा का माहौल गर्म है.
सूत्रों की माने, तो वार्ड संख्या 7 की वार्ड पार्षद अनीता राम इस बार वार्ड संख्या चार से चुनावी मैदान में उतरने का मन बना लिया है. इसी प्रकार वार्ड संख्या 9 में निवर्तमान वार्ड पार्षद सह उपाध्यक्ष विश्वनाथ साह फिर से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. वार्ड संख्या 7 से श्री साह के चुनावी संवर में आने की चर्चा हो रही है. वार्ड क्षेत्र 8 से पार्षद टेक नारायण महतो अपनी पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं.
वार्ड संख्या 22 से समाजसेवी सह व्यवसायी बद्री गोयनका की पत्नी सोनम गोयनका के चुनावी समर में आने की चर्चा हो रही है. जानकारों की मानें, तो कई वार्ड क्षेत्र को आरक्षित हो जाने से कई निवर्तमान वार्ड पार्षदों को इस बार चुनाव लड़ने के लिए क्षेत्र का ठिकाना नहीं मिल पा रहा है.
दूसरे राज्य में आरक्षण पानेवालों को लाभ नहीं : दूसरे राज्य से आरक्षण के तहत आने वाले पुरुष या महिला नगर निकाय का मतदान आरक्षित कोटे के वार्ड से नहीं लड़ सकेंगे. उन्हें बिहार के किसी भी जिले में आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा और वे सामान्य कोटि के तहत माने जायेंगे. ऐसे में नगर निकाय के मतदान में अपनी पत्नियों को वार्ड पार्षद बनाने के फिराक में लगे कई लोगों के मंसूबों पर पानी फिर गया है. इस कारण अब इन प्रत्याशियों और उनकी पत्नियों के पसीने छूट रहे हैं और इसकी पूरी पड़ताल में लगे हुए हैं. बताते चले कि शहर के 29 वार्ड में कई ऐसे वार्ड पार्षद हैं, जिनकी पत्नियां दूसरे राज्य में आरक्षण के तहत आती हैं और वे इस बार आरक्षित कोटे के वार्ड से चुनाव लड़ने की फिराक में थी. वहीं चर्चा यह भी है कि अब कुछ वार्ड पार्षद और नये प्रत्याशियों के पति हाइ कोर्ट में इसको लेकर याचिका दायर कर सकते हैं.
20 हजार रुपये ही खर्च कर पायेंगे अभ्यर्थी : नगर परिषद चुनाव में अभ्यर्थी अधिकतम 20 हजार रुपये ही खर्च कर सकते हैं. जबकि, नगर पंचायत में 10 हजार रुपये तक खर्च करने का प्रावधान है.
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दुर्गेश नंदन ने डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) को इस बाबत पत्र लिखा है. इसमें कई आवश्यक निर्देश दिये गये हैं. कहा गया है कि प्रत्येक अभ्यर्थी को निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान अपना निर्वाचन व्यय हर पांच दिनों बाद निर्वाची पदाधिकारी अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत सहायक निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष स्वयं या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा प्रस्तुत करना होगा. ऐसा नहीं करने वाले अभ्यर्थी की यह भारी चूक मानी जायेगी. वहीं, आयोग के प्रेक्षक अपने स्तर से भी चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी, उसके समर्थक अथवा अभिकर्ता द्वार किये गये व्यय का स्वतंत्र आकलन करेंगे. उक्त प्रेक्षक आयोग को समर्पित करने वाले अपने सामान्य प्रतिवेदन में भी इस संबंध में चर्चा करेंगे.
निर्वाचन परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के अंदर प्रत्येक अभ्यर्थी को अपने व्यय से संबंधित लेखा-जोखा निर्वाची पदाधिकारी के यहां प्रस्तुत कर देना होगा. निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक अभ्यर्थी को निर्वाचन में विहित सीमा के अंदर ही व्यय करना होगा. निर्वाचन व्यय संबंधी लेखा विहित प्रपत्र में निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष दाखिल करना है. व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उक्त अभ्यर्थी को तीन वर्षों की अवधि तक के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जा सकता है.
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