26 साल से उलझे दिल्ली के चर्चित हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, बिहार से दबोचा गया फरार आरोपी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 03 May 2026 5:58 PM
सांकेतिक तस्वीर
Bihar: दिल्ली के मुखर्जी नगर में साल 2000 में हुए महिला हत्या और लूटकांड का 26 साल बाद बड़ा खुलासा हुआ है. लंबे समय से फरार घोषित अपराधी नरेश मुखिया को बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार किया गया. तकनीकी निगरानी और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली.
Bihar: दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में करीब 26 साल पहले हुए सनसनीखेज महिला हत्या और लूटकांड मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी नरेश मुखिया उर्फ नागेश्वर मुखिया को बिहार के समस्तीपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है. इस गिरफ्तारी के साथ ही साल 2000 के इस चर्चित केस में बड़ा मोड़ आ गया है.
घर में काम करते हुए मिली थी लाखों की जानकारी
पुलिस जांच के मुताबिक नरेश मुखिया उस समय दिल्ली के एक मकान में काम करता था. उसी बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर आशा छाबड़ा नाम की महिला रहती थीं. आरोपी को जानकारी मिली थी कि महिला ने अपना घर बेचकर करीब 35 से 40 लाख रुपये नकद घर में रखे हैं. इसी लालच में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बड़ी लूट की साजिश रची.
शोर मचाने पर महिला की कर दी थी हत्या
जनवरी 2000 में आरोपी अपने साथियों के साथ घर पहुंचा. दरवाजा खुला देखकर वह अंदर घुस गया और अलमारी खंगालने लगा. तभी महिला वहां पहुंच गईं और विरोध करने लगीं. पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने महिला को दबोच लिया और फोन के तार से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी करीब 8 लाख रुपये नकद और कीमती सामान लेकर फरार हो गए.
सालों तक शहर बदलता रहा आरोपी
हत्या और लूट के बाद आरोपी लगातार अपनी पहचान और ठिकाना बदलता रहा. कभी वह सिलिगुड़ी में छिपा, फिर कोलकाता गया, उसके बाद अहमदाबाद में रहा और आखिर में बिहार के समस्तीपुर जिले में लौट आया. अदालत ने उसे पहले ही घोषित अपराधी घोषित कर दिया था, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से बाहर था.
टेक्निकल सर्विलांस से पुलिस को मिली सफलता
हाल ही में इंस्पेक्टर पुखराज सिंह की अगुवाई में दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने केस को फिर से खोला. एएसआई प्रदीप और हेड कांस्टेबल नरेंद्र से मिली जानकारी के बाद तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय सूचना के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई. 2 मई 2026 को संयुक्त टीम ने समस्तीपुर के सिंघिया थाना क्षेत्र के ममूरपुर गांव में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
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गांव में किराना दुकान चलाकर छिपा था आरोपी
गिरफ्तारी के समय नरेश मुखिया साधारण जिंदगी जी रहा था. पहले वह मजदूरी करता था और बाद में गांव में छोटी किराना दुकान चलाने लगा. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह शराब का आदी था और वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था. अब पुलिस उससे पुराने केस और उसके साथियों को लेकर आगे पूछताछ कर रही है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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