मरीज बाहर से खरीद रहे दवा

Published at :09 Apr 2017 4:21 AM (IST)
विज्ञापन
मरीज बाहर से खरीद रहे दवा

कोताही. ड्यूटी से गायब पाये गये चिकित्सक जिला परिषद की टीम ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण सीएस, डीएस व डीपीएम के बीच चल रही खींचतान से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित समस्तीपुर : जिला परिषद अध्यक्ष प्रेमलता के नेतृत्व में जिला पार्षदों की टीम ने शनिवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम […]

विज्ञापन

कोताही. ड्यूटी से गायब पाये गये चिकित्सक

जिला परिषद की टीम ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण
सीएस, डीएस व डीपीएम के बीच चल रही खींचतान से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित
समस्तीपुर : जिला परिषद अध्यक्ष प्रेमलता के नेतृत्व में जिला पार्षदों की टीम ने शनिवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में जहां ऑन ड्यूटी डॉक्टर गायब पाये गये वहीं इमरजेंसी में भरती मरीजों को दवा नहीं दिये जाने की बात सामने आयी. सिविल सर्जन, उपाधीक्षक व डीपीएम के बीच चल रही खींचतान का असर सदर अस्पताल पर टीम ने देखा. जांच रिपोर्ट डीएम के साथ साथ साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भेजने की बात भी कही गयी है.
शनिवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे जिला परिषद अध्यक्ष प्रेमलता के नेतृत्व में जिला पार्षद रामदेव राय, स्वर्णिमा सिंह, शिवशंकर राय, रंजन कुमार, हरेराम सहनी, अभिषेक कुमार कर्ण व रीना राय ने संयुक्त रूप से सदर अस्पताल पहुंचकर औचक निरीक्षण किया. ओपीडी, टीबी वार्ड, सामान्य वार्ड, महिला वार्ड, सर्जरी वार्ड में चिकित्सक अनुपस्थित पाये गये. वहीं नशामुक्ति केंद्र व प्रसव कक्ष में भी चिकित्सक तैनात नहीं थे.
डाॅ अदिति के बारे में डीएस ने बताया कि सप्ताह में दो दिन लगातार काम करने के बाद वह महीने भर गायब रहती है. पटना में अपना अस्पताल चलाती है, जबकि हाजिरी नियमित रूप से यहां बनाती है. टीम का कहना है कि किसी के बुलाने पर आनन फानन में डाॅ हेमंत कुमार इमरजेंसी के वार्ड के पास पहुंचे, जबकि वे सर्जरी वार्ड में नहीं थे.
पूछने पर उक्त डॉक्टर ने कहा कि वे राजपत्रित पदाधिकारी हैं, हाजिरी नहीं बनाते हैं. जांच टीम का कहना है कि इनकी पत्नी डाॅ पुष्पा रानी भी सदर अस्पताल में पदस्थापित हैं व दोनों मिलकर अपना निजी क्लीनिक चलाते हैं. जिला पार्षदों ने बताया कि इमरजेंसी में जीवन रक्षक दवाओं का घोर अभाव दिखा. मरीज मुरारी कुमार झा ने बताया कि सारी दवाएं बाहर से खरीदी गयी है. दवाओं के स्टॉक में डेक्सोना, डेरीफाइलिन, मेट्रोटिंडाजोल आइवी जैसी अन्य दवाएं नहीं थीं.
प्रधान सचिव को भेजी जायेगी जांच रिपोर्ट
मरीज के बजाय हवलदार ने जमा रखा है केंद्र पर कब्जा : नशामुक्ति केंद्र में मरीज के बजाय हवलदार ने अपना बेडरूम लगा रखा था. बेड पर न तो चादर थी और नहीं पंखे चल रहे थे. साफ-सफाई की भी स्थिति काफी कमजोर दिखी. पानी का आरओ खराब पाया गया. मरीजों को नाश्ता में डेढ़ सौ ग्राम दूध, एक अंडा व दो बिस्कुट दिया जाता है. जिप अध्यक्ष प्रेमलता ने बताया कि सीएस डाॅ अवध कुमार से जब इस मसले पर बात की, तो उन्होंने कहा कि इन सब चीजों के लिए डीएस जिम्मेवार हैं. डीएस से पूछा तो उन्होंने कहा कि सीएस रोस्टर बनाते हैं. डीपीएम ने अस्पताल में दवा उपलब्ध होने की बात कही, लेकिन रोगी को नहीं मिल रहा है. इससे लगता है कि इन तीनों के बीच सामंजस्य का घोर अभाव है. इसका सीधा असर सदर अस्पताल पर पड़ रहा है. खून की जांच, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड व्यवस्था भी लंबे अरसे से ठप रहने की बात ही गयी, जबकि आइसीयू भी बंद पाया गया. उन्होंने बताया कि डीएम के साथ साथ प्रधान सचिव को भी यह जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन