15 घंटे बाद मोहनपुर में मिला शव
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Jul 2016 2:52 AM (IST)
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मंगलवार को बूढ़ी गंडक में डूबने से हुई थी नीतीश की मौत रोसड़ा : बूढ़ी गंडक में मंगलवार की शाम डूबे 14 वर्षीय छात्र नीतीश का शव बेगूसराय जिले के मोहनपुर के निकट नदी से मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया. बालक के शव को घर लाया गया. करीब 15 घंटे के अथक […]
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मंगलवार को बूढ़ी गंडक में डूबने से हुई थी नीतीश की मौत
रोसड़ा : बूढ़ी गंडक में मंगलवार की शाम डूबे 14 वर्षीय छात्र नीतीश का शव बेगूसराय जिले के मोहनपुर के निकट नदी से मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया. बालक के शव को घर लाया गया. करीब 15 घंटे के अथक प्रयास से लोगों ने डूबे बालक का शव ढूंढ़ने में सफलता पायी. मंगलवार को थाना के सिहयार गांव के तीन लड़के नदी में स्नान करने के दौरान पानी में डूब गये थे, जिसमें दो लड़के को तो लोगों ने किसी तरह बचा लिया, लेकिन नीतीश को बचाने में असफल हो गये.
जानकारी के अनुसार, छात्र नीतीश दास अपने दो साथियों विमल कुमार व दूसरे साथी का भी नाम नीतीश कुमार के साथ नदी में स्नान करने चला गया. अपनी बहन के घर रह रहे खराज निवासी 7 वीं कक्षा का छात्र विमल ने बताया कि वह गांव में दोस्तों के साथ मंगलवार को कबड्डी खेल रहा था. वहां से निर्माणाधीन गंडक पुल के निकट वाली घाट पर स्नान करने चला गया. स्नान के क्रम में नीतीश गहरे पानी में उबडूब करने लगा.
उसे डूबता देख 5 वीं कक्षा का दूसरा छात्र नीतीश ने उसे बचाने का प्रयास किया. उसने बताया कि चार बार नीतीश का हाथ उसके हाथ से पकड़ाया, लेकिन वह भी डूबने लगा. दोनों को डूबते देख तीसरा छात्र विमल भी पानी में बचाने चला गया. वह तैरना नहीं जानता था. इस कारण वह भी डूबने लगा. संयोगवश निर्माणाधीन पुल पर काम कर रहे मजदूरों की नजर पड़ने पर दौड़कर मजदूरों ने दो बालकों की तो किसी तरह पानी से निकाल कर जान बचायी. लेकिन नीतीश नदी के पानी में विलुप्त हो गया, जो तत्काल नहीं
मिल पाया. इधर, बचाये गये दोनों छात्रों को लोग अनुमंडलीय अस्पताल ले गये. जहां उसका इलाज किया गया. लोग रात भी नीतीश की लाश खोजने में लगे रहे. लेकिन गुरुवार की सुबह मोहनपुर के निकट नीतीश का शव लोगों को मिल गया.
इस संबंध में सीओ ने तत्काल दाह संस्कार के लिए राशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन परिजनों को दिया. वहीं सूचना पर थाने के एसआइ रजनीश कुमार ने मृतक के घर पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली व पंचनामा बनाकर शव परिजनों को सौंप दिया.
दो बच्चों को मजदूरों ने था बचाया
शोक में डूबे परिजन
अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र नीतीश के शव को जिस समय उसके घर पर लाया गया, परिजनों की चीख पुकार से कोहराम मच गया. पूरे गांव के लोग उसके घर पर आकर परिजनों को ढांढ़स दिलाने में जुटे थे. दूसरी ओर मृतक की मां प्रमीला देवी अपने इकलौते पुत्र के शव को देख चिल्हार मारकर रो रही थी. इस क्रम में वह बार-बार बेहोश हो जाती. उसे वहां मौजूद महिलाएं संभाल रही थीं. मृतक की एक छोटी बहन महिमा अपने भाई की मौत पर फफक-फफक कर रो रही थी. वहीं मृतक के पिता रंजीत दास एकमात्र पुत्र की मौत के वियोग में आंसूओं में डूबे थे.
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