मघा नक्षत्र में बदल गया मौसम का मिजाज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Aug 2015 12:12 AM (IST)
विज्ञापन

समस्तीपुर : युग बदलते हैं. दर्शन को लेकर व्यक्त विचार नहीं. उसकी प्रासांगिकता सदैव बनी रहती है. यह अलग बात है कि उसे देखने का नजरिया बदल जाता है. यही वजह है कि 21 वीं सदी में चांद तारों पर सरकती दुनिया में भी तुलसी हो या सैकड़ों वर्ष पूर्व कृषि-मौसम वैज्ञानिक के रुप में […]
विज्ञापन
समस्तीपुर : युग बदलते हैं. दर्शन को लेकर व्यक्त विचार नहीं. उसकी प्रासांगिकता सदैव बनी रहती है. यह अलग बात है कि उसे देखने का नजरिया बदल जाता है.
यही वजह है कि 21 वीं सदी में चांद तारों पर सरकती दुनिया में भी तुलसी हो या सैकड़ों वर्ष पूर्व कृषि-मौसम वैज्ञानिक के रुप में किसानों के बीच ख्यात रहे ‘घाघ’ की उक्तियां, वर्तमान समय में भी पूरी तरह मौसम के मिजाज पर मुफीद बैठती है. नतीजा आज के वैज्ञानिक युग में भी किसानों के जेहन से प्राचीन भारतीय मौसम व कृषि परंपरा को साधने के लिए तैयार ‘घाघ’ की उक्तियां दूर नहीं हो पा रही है.
किसान प्राचीन उक्तियों के ब्रेड पर वैज्ञानिक सुझावों को मान कर ही खेतों की ओर कूच करते हैं. इस वर्ष जेठ व आषाढ़ या यूं कहें कि मलमास का पूरे सावन तक मॉनसून ने किसानों को दगा दिया. इसने कृषि व किसानों का भूगोल बदल कर रख दिया. लेकिन जैसे ही सावन के दूसरे पक्ष में मघा नक्षत्र ने प्रवेश किया मौसम के साथ किसानों का मूड भी पूरी तरह बदल गया.
महज तीन दिनों की झमाझम बारिश ने खेतों में उड़ती धूल को उसके सीने में दफन कर पानी गहराई वाले इलाकों की ओर कूच करने लगी. महीनों से वीरान नाले व तालाबों के कोख देखते ही देखते भरकर उपटने लगे. जिसने किसानों को हौसला दिया. चांदी की तरह चमकने वाले खेतों में हरियाली तैरने लगी. इस उम्मीद के साथ कि आगे भी बारिश के संकेत मिल दिख रहे हैं.
किसानों का मानना है कि मघा नक्षत्र को लेकर वर्षो पूर्व ‘घाघ’ ने कहा था ‘मघा लगाये घघा स्वाती बूने टाटी, कहि पठौलनि हाथी राम हमहू अबै छी साथी’ अर्थात मघा नक्षत्र में आसमान में बादल घिरे रहें. बारिश हो तो यह आगे आने वाले कई नक्षत्रों में अच्छी बारिश का संकेत देता है. जिसके प्रभाव से खरीफ के बेहतर उत्पादन की आस बंधती ही है, रबी के मौसम के लिए भी अनुकूल परिस्थिति तैयार होती है. इसे भांपकर ही जिले के किसानों ने खरीफ धान की 76 हजार हेक्टेयर भूमि में जमकर बोआई की.
मौसम विभाग की ओर से भी जो संकेत मिल रहे हैं उससे पता चलता है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश हो सकती है जो उत्तर बिहार में बेहतर खरीफ उत्पादन के लिए अनुकूल होगा. जिसके सहारे ही अब तक किसान देश के साथ खुद की तरक्की की इबारत लिखते चले आ रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










