#BIHAR : बरामद शराब की जब्ती सूची में गवाह बन किया हस्ताक्षर, अब जान देने की नौबत, पढ़ें... पूरा मामला

Published at :20 Dec 2017 8:48 PM (IST)
विज्ञापन
#BIHAR : बरामद शराब की जब्ती सूची में गवाह बन किया हस्ताक्षर, अब जान देने की नौबत, पढ़ें... पूरा मामला

रोसड़ा : कसूर सिर्फ इतना है कि रामपदारथ के पुत्रों ने उत्पाद विभाग की कार्रवाई के बाद जब्ती सूची पर गवाह के रूप में दस्तखत कर दिये. उस वक्त वह समझ नहीं पाया कि यही मजनूम एक दिन उसकी जान पर बन आयेगी. शराब माफिया की ओर से अब बार-बार मिल रही धमकी से आजिज […]

विज्ञापन

रोसड़ा : कसूर सिर्फ इतना है कि रामपदारथ के पुत्रों ने उत्पाद विभाग की कार्रवाई के बाद जब्ती सूची पर गवाह के रूप में दस्तखत कर दिये. उस वक्त वह समझ नहीं पाया कि यही मजनूम एक दिन उसकी जान पर बन आयेगी. शराब माफिया की ओर से अब बार-बार मिल रही धमकी से आजिज आकर उसने सपरिवार जान देने का फैसला कर लिया है. हताश बिहारमें समस्तीपुर के रोसड़ा अनुमंडल के हसनपुर थाने के देवधा निवासी राम पदारथ ठाकुर अब नये साल के पहले दिन सपरिवार जहर खाकर जान दे देने का निर्णय ले लिया है.

शराब माफिया की धमकी व मारपीट कर घर से निकाल दिये जाने के बाद करीब डेढ़ साल से सपरिवार बेघर हुआ राम पदारथ ठाकुर अपने आत्मघाती निर्णय से सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया है. पीड़ित ने कहा है कि उसके ही ग्रामीण व उसके पुत्रों ने डेढ़ साल पहले मारपीट कर जबरन घर से निकाल दिया था.

कसूर सिर्फ इतना था कि रामपदारथ के पुत्रों ने बीते 5 मई 16 को गांव में हुए उत्पाद विभाग की कार्रवाई में जब्त की गयी शराब की जब्ती सूची में गवाह बन कर हस्ताक्षर बना दिया था. एक ग्रामीण के घर में छिपाकर रखी गयी शराब के मामले में गवाह बनने से नाराज शराब कारोबारी व उसके पुत्रें ने मारपीट कर उसे सपरिवार घर से निकाल दिया था. उसे पकड़े गये शराब की भरपाई के एवज में 15 लाख रुपये रंगदारी देने के बाद ही गांव वापस लौटने की धमकी दी. न्याय व घर वापसी के लिए कई बार हसनपुर थानाध्यक्ष, समस्तीपुर एसपी, रोसड़ा डीएसपी, मानवाधिकार आयोग से लेकर मुख्यमंत्री तक को आवेदन देकर गुहार लगायी थी.

8 दिसंबर को बैठा था अनशन पर
न्याय मिलने के बाद 8 दिसंबर को रामपदारथ सपरिवार समस्तीपुर समाहरणालय पर आमरण अनशन के लिए भी बैठा था. लेकिन, उस वक्त अधिकारियों ने न्याय का भरोसा दिला अनशन तोड़वा दिया. इसके बाद भी उसे न्याय नहीं मिला. रामपदारथ के अनुसार कारोबारी उसे और उसके परिवार हत्या करवा सकते है. शासन प्रशासन द्वारा न्याय नहीं मिलने से निराश होकर रामपदारथ ने आगामी 1 जनवरी 18 को सरेआम सड़क पर सपरिवार जहर खाकर जान दे देने का निर्णय लिया है.

क्या कहते हैं अधिकारी
इस मामले की जानकारी मिली है. उक्त कारोबारी जेल भी गया था. वैसे मामले की जांच करवा कर दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. (अजीत कुमार, डीएसपी, रोसड़ा)

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन