बिजली दर बढ़ी, आपूर्ति घटी

Published at :13 Jun 2017 1:44 AM (IST)
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बिजली दर बढ़ी, आपूर्ति घटी

परेशानी. फॉल्ट के कारण बिजली की आपूर्ति हो रही बाधित समस्तीपुर : यह देहात है जनाब, यहां बिजली का क्या काम़ यह जिला मुख्यालय से सटे प्रखंडों के दर्जनों गांवों पर सटीक बैठ रही है़ जब सरकार ने घोषणा कि है कि ‘हर घर बिजली लगातार’ और इसके साथ ही बिजली की दरों में बढ़ोतरी […]

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परेशानी. फॉल्ट के कारण बिजली की आपूर्ति हो रही बाधित

समस्तीपुर : यह देहात है जनाब, यहां बिजली का क्या काम़ यह जिला मुख्यालय से सटे प्रखंडों के दर्जनों गांवों पर सटीक बैठ रही है़ जब सरकार ने घोषणा कि है कि ‘हर घर बिजली लगातार’ और इसके साथ ही बिजली की दरों में बढ़ोतरी की, तभी से आपूर्ति में व्यवधान भी हो रहा है़ पावर सब स्टेशनों में आपूर्ति के बाद भी बिजली की किल्लत होने लगी़
बिजली रहती भी है, तो लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है़ बिजली का होना भी नहीं होने के बराबर होता है़ पुनास के उपभोक्ता कमलेश राय का कहना है कि विगत प्रतिदिन रात में नौ से 10 बजे बिजली काट दी जाती है व फिर सुबह साढ़े तीन के बाद ही दर्शन देती है़ लगता है कि गांव के लोगों को गरमी नहीं लगती है़ यहां के लिए कोई रोस्टर ही नहीं बना है़
ब्रेकडाउन के कारण प्रभावित हो रही आपूर्ति : 132 केवीए ट्रांसमिशन बिजली ग्रिड पर वोल्टेज की स्थिति 120 केवी है़ ट्रांसमिशन को बार-बार फीडर बंद करने पड़ रहे हैं. कंट्रोल से भी हर दो घंटे बाद इमरजेंसी कटौती का आदेश आ रहा है़ ट्रांसमिशन बिजली ग्रिड से लोकल पावर सब स्टेशनों को होने वाली आपूर्ति भी उपभोक्ताओं तक नहीं हो रही है़ लो वोल्टेज में कभी लाइन ब्रेक कर रही है, तो कभी पावर सब स्टेशनों के दम निकल रहे हैं. 33 व 11 केवीए के ब्रेकडाउन को दूर करने में कर्मियों को पसीने छूट रहे हैं. 440 एलटी में भी आये दिन ब्रेकडाउन की समस्या उत्पन्न हो रही है़
बिजली कंपनी का दावा है कि 15 से 16 घंटे आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही है़ विद्युत अधिकारियों का कहना है लाइन में फाॅल्ट होने के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है, तो नियमित आपूर्ति की जिम्मेदारी किसकी है उपभोक्ता पूछ रहे है़ं उपभोक्ताओं की मानें, तो औसतन आठ से 10 घंटे ही बिजली ग्रामीण क्षेत्रों में मिल रही है.
कम बिजली खपत वाले क्षेत्रों में होगी छापेमारी
बिजली चोरी पर नियंत्रण के लिए पटना कंपनी ने नया तरीका निकाला है़ इसके तहत कम राजस्व वाले 13 फीडरों को चिह्नित किया जा रहा है़ हर आपूर्ति प्रमंडल के जिम्मे तीन-तीन आपूर्ति प्रमंडल होंगे. आपूर्ति प्रमंडल सामान्य कामकाज करते हुए चयनित इन तीन फीडरों पर विशेष जोर देगा़ डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर और उपभोक्ताओं के मीटर से मिलान किया जायेगा़ बिजली की कम खपत वाले क्षेत्रों में छापेमारी होगी़ इससे पता किया जायेगा कि बिजली की चोरी कहां से हो रही है़
व्यवस्था में कोई कमी है या बिजली की चोरी की जा रही है़ सूत्रों की मानें, तो कई फीडरों पर बिजली की अधिक खपत हुई और राजस्व कम आया़ विद्युत कार्यपालक अभियंता पंकज राजेश ने कहा कि लोग नियत तिथि पर भुगतान करें. बिजली चोरी में पकड़े जाने पर जुर्माने के साथ प्राथमिकी भी दर्ज होगी.
ठेकेदार की मनमानी भी है बिजली पहुंचाने में बाधक
जबसे विद्युत विभाग आउटसोर्सिंग से काम कराने लगा है़ स्वयं इसका भी नियंत्रण नहीं कर पाता है. कभी फ्यूज कॉल के नाम पर, कभी .शट डाउन लेकर .आपूर्ति बाधित कर दी जाती है़ जहां पर इन पेटी ठेकेदारों को कुछ सुविधा शुल्क मिल जाता है, वहां पहले कार्य कर दिया जाता है.
42 फीसदी ही नियमित बिजली बिल जमा
नियमित ढंग बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण राजस्व भी प्रभावित हो रहा है़ मात्र 42 फीसदी उपभोक्ता ही नियमित रूप से विपत्र जमा कर रहे हैं. बकायेदारों पर कार्रवाई भी की जा रही है. बावजूद स्थिति में सुधार होता नहीं दिख रहा है़ बताते चलें कि मई माह में समस्तीपुर शहरी क्षेत्र में 17448 उपभोक्ता में से मात्र 6615, समस्तीपुर ग्रामीण क्षेत्र में 45098 उपभोक्ता में से मात्र 2914, पूसा क्षेत्र में 37211 उपभोक्ता में से मात्र 2737 व कल्याणपुर क्षेत्र में 41799 उपभोक्ता में से मात्र 2929 ने ही ससमय विपत्र जमा किया़ इसके लिए कंपनी ने अभियान चलाकर मार्च में 3972, अप्रैल में 2119 व मई में 562 बकायेदारों पर कार्रवाई की.
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