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नागार्जुन के व्यक्तित्व व कृतित्व से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में बेहतर करें विद्यार्थी

Updated at : 02 Jul 2025 6:43 PM (IST)
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नागार्जुन के व्यक्तित्व व कृतित्व से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में बेहतर करें विद्यार्थी

एमएलटी कॉलेज में हिंदी विभाग के सौजन्य से बुधवार को नागार्जुन स्मरण विषय पर एकदिवसीय विचार गोष्ठी व स्नातकोत्तर अंतिम सत्र के छात्र-छात्राओं का विदाई समारोह आयोजित किया गया.

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एमएलटी कॉलेज में नागार्जुन स्मरण विषय पर हुआ विचार गोष्ठी स्नातकोत्तर अंतिम सत्र के छात्र-छात्राओं का विदाई समारोह आयोजित सहरसा. एमएलटी कॉलेज में हिंदी विभाग के सौजन्य से बुधवार को नागार्जुन स्मरण विषय पर एकदिवसीय विचार गोष्ठी व स्नातकोत्तर अंतिम सत्र के छात्र-छात्राओं का विदाई समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय प्रधानाचार्य प्रो डॉ अजय कुमार दास, पीजी सेंटर के हिंदी विभागाध्यक्ष लाला प्रवीण कुमार सिन्हा, विश्वभारती शांतिनिकेतन के डॉ अर्जुन कुमार, पीजी सेंटर के सह प्राध्यापक डॉ सिद्धेश्वर काश्यप, क्रीड़ा व सांस्कृतिक परिषद के उपनिदेशक डॉ जैनेंद्र कुमार ने नागार्जुन के चित्र पर माल्यार्पण कर किया. कार्यक्रम में पधारे अतिथियों का स्वागत श्रवण कुमार, संत कुमार, श्वेता कुमारी, योगक्षमा, रक्षा ने छात्र छात्राओं ने चादर, पाग व पुष्प गुच्छ भेंट कर किया. श्वेता कुमारी ने अतिथियों के स्वागत में सुंदर गीत की प्रस्तुति दी. प्रधानाचार्य डॉ अजय कुमार दास ने विदाई समारोह व विचार गोष्ठी के समवेत आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते विद्यार्थियों के भावी जीवन के लिए मंगल कामनाएं व्यक्त की. विचार गोष्ठी का बीज वक्तव्य प्रस्तुत करते डॉ सिद्धेश्वर काश्यप ने नागार्जुन को युगधर्मा साहित्यकार बताया. उन्होंने नागार्जुन साहित्य से कई अंश उद्धृत कर उन्हें तत्कालीन सामाजिक, राजनैतिक यथार्थ को समझने के लिए बहुत जरूरी साहित्यकार बताया. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि लाला प्रवीण कुमार सिन्हा ने छात्र छात्राओं को नागार्जुन के व्यक्तित्व व कृतित्व से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में बेहतर करने की प्रेरणा दी. उन्होंने नागार्जुन के कवि व्यक्तित्व के साथ उनके कथा साहित्य को भी रेखांकन योग्य बताया. विश्व भारती शांति निकेतन से पधारे डॉ अर्जुन कुमार ने सितारे जमी पर फिल्म का उदाहरण देते कहा कि नागार्जुन की विशिष्टता अछूते विषयों को भी सहज सामान्य बनाकर लोक ग्राह्य प्रस्तुति में है. उन्होंने नागार्जुन की कविता कटहल का लयात्मक मनोग्राही पाठ किया. डॉ जैनेंद्र कुमार ने नागार्जुन की प्रखर राजनैतिक चेतना पर प्रकाश डाला व नागार्जुन के तेवर से परिचित कराने के लिए उनकी कविता इंदु जी इंदु जी क्या हुआ आपको का प्रभावशाली पाठ किया. पीजी सेंटर की सहायक प्राध्यापिका डॉ अणिमा ने कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की. हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ मयंक भार्गव ने आगत अतिथियों व छात्र छात्राओं को धन्यवाद प्रेषित किया. कार्यक्रम में मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ सुमन कुमार, भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ विनीत कुमार, गणित विभागाध्यक्ष डॉ बीएन झा, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष कौशल झा, एनएसएस पदाधिकारी डॉ बलबीर झा, डॉ निहारिका व डॉ अन्नू कुमारी ने कार्यक्रम में वैचारिक योगदान देने के लिए छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न प्रदान किया. इस अवसर पर आशुतोष कुमार, केडी राम, ऋषि मिश्र, सत्येंद्र जी, अमित सिंह, शैलेंद्र मिश्र, हरिनंदन कुमार, अतुल कुमार, गणपति झा, आशीष, रौनक सहित अन्य छात्र छात्रा मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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