नवहट्टा के सतौर विद्यालय में बड़ा खेल: हाजिरी बनाकर गायब हो जाते हैं 7 शिक्षक, जनगणना के नाम पर घर जाने का आरोप

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 20 May 2026 12:18 PM

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सतौर विद्यालय

सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय सतौर में सरकारी नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. स्कूल के शिक्षकों पर आरोप है कि वे सुबह आकर उपस्थिति पंजी (रजिस्टर) पर हस्ताक्षर तो करते हैं, लेकिन उसके तुरंत बाद जनगणना कार्य का बहाना बनाकर स्कूल से रफूचक्कर हो जाते हैं.

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नवहट्टा (सहरसा) से राजेश डेंजिल की रिपोर्ट:

17 में से 12 शिक्षक जनगणना ड्यूटी पर, 7 पर बिना अनुमति गायब होने का आरोप

बिहार सरकार और शिक्षा विभाग जहां एक ओर सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने का दावा कर रहे हैं, वहीं धरातल पर अधिकारी और शिक्षक इन दावों की पोल खोल रहे हैं. उत्क्रमित उच्च विद्यालय सतौर में कुल 17 शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें से 12 शिक्षकों की ड्यूटी प्रशासनिक स्तर पर जनगणना कार्य में लगाई गई है. ग्रामीणों और विद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन 12 शिक्षकों में से 7 शिक्षक और शिक्षिकाएं ऐसे हैं जो सुबह-सुबह स्कूल आकर अपनी हाजिरी दर्ज करते हैं और कुछ ही देर बाद शैक्षणिक कार्य को अधर में छोड़कर चुपचाप अपने घर के लिए निकल जाते हैं. इस लापरवाही के कारण स्कूल की पूरी पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई है.

सुबह 10 बजे ही स्कूल छोड़ निकले ये शिक्षक, अधिकारी के पूछने पर काटा फोन

बुधवार को सुबह करीब 10:00 बजे ही स्कूल से हाजिरी बनाकर गायब होने वाले शिक्षकों में मनमुन आलम, वुसरा फातिमा, निशा झा, शाइस्ता मजहर, कल्पना कुमारी, नवीन पासवान और राजीव रंजन के नाम सामने आए हैं.

इस संबंध में जब जनगणना कार्य में बतौर पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) तैनात शिक्षिका वुसरा फातिमा से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने पहले कहा कि वे क्षेत्र में जनगणना के काम से बाहर हैं. लेकिन जब उनसे यह तीखा सवाल पूछा गया कि विभाग के सख्त आदेश के बावजूद वे स्कूल टाइमिंग के दौरान जनगणना कार्य करने क्यों गईं, तो उन्होंने बिना कोई जवाब दिए तुरंत फोन काट दिया. स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि ये शिक्षक जनगणना के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति कर सीधे अपने घर पर आराम फरमाते हैं.

स्कूल अवधि के बाद ही करना है जनगणना कार्य, आदेश हवा में गायब

गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव द्वारा बीते 13 मई को ही एक आधिकारिक पत्र जारी कर यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया गया था कि जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त किए गए सभी प्रगणक (इन्यूमरेटर) और पर्यवेक्षक केवल विद्यालय अवधि (स्कूल टाइम) समाप्त होने के बाद ही जनगणना के कार्यों का निष्पादन करेंगे. इस पत्र के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) द्वारा भी समान निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन सतौर स्कूल के इन शिक्षकों के लिए यह आदेश महज एक रद्दी का टुकड़ा साबित हो रहा है.

प्रधानाध्यापक ने स्वीकारी बात, बीईओ और बीडीओ ने कहा- होगी सख्त कार्रवाई

इस गंभीर मामले पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. खुर्रम अली ने बेबसी जाहिर करते हुए स्वीकार किया कि 12 शिक्षक जनगणना कार्य में लगे हैं और उनमें से 7 शिक्षक स्कूल में हाजिरी लगाने के बाद जनगणना का नाम लेकर घर चले जाते हैं, जिससे बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है और पढ़ाई पूरी तरह बाधित है.

मामला संज्ञान में आने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) आशीष कुमार ने कहा कि सतौर विद्यालय के शिक्षकों की मनमानी की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं. स्कूल टाइम में फरार रहने वाले इन सभी शिक्षकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. वहीं, नवहट्टा की बीडीओ प्रिया भारती ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई भी शिक्षक तय समय-सीमा के भीतर स्कूल से बाहर पाया जाता है, तो उसे अनुशासनहीनता मानते हुए उसके खिलाफ निलंबन और वेतन रोकने की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

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