सहरसा कोर्ट में गवाही देने पहुंचे युवक को मिली धमकी, पॉक्सो और मानव तस्करी मामलों में गवाह ने दर्ज कराई शिकायत

फोटो - सहरसा - आरोपी शिक्षक इमरान | Prabhat Khabar Network
सहरसा कोर्ट परिसर में गवाही देने पहुंचे एक युवक को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई. यह मामला महिला उत्पीड़न, मानव तस्करी और पॉक्सो जैसे संगीन मामलों में गवाह होने के कारण और भी गंभीर हो गया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है.
Saharsa News: सहरसा न्यायालय परिसर में गवाही देने पहुंचे एक युवक को कथित रूप से जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है. यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि शिकायतकर्ता महिला उत्पीड़न, मानव तस्करी, पॉक्सो और जबरन मजदूरी जैसे कई संगीन मामलों में गवाह है. असम के धुबरी जिले के रहने वाले कृष्णा राय ने सदर थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि न्यायालय में गवाही देने पहुंचे दौरान उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई.
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को गंभीरता से लिया जाएगा.
कौन हैं शिकायतकर्ता और क्यों है मामला संवेदनशील
आवेदन के अनुसार कृष्णा राय असम के धुबरी जिला अंतर्गत गोलागंज थाना क्षेत्र के उत्तर टोकरेचारा गांव के निवासी हैं और वर्ष 2025 से सहरसा में मजदूरी का काम कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने सहरसा बस्ती निवासी ओवैस करणी उर्फ चुन्ना मुखिया के खिलाफ दर्ज कई मामलों में गवाह के रूप में बयान दिया.
इन मामलों में महिलाओं और बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार, छेड़खानी, मानव तस्करी और जबरन मजदूरी कराने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. आवेदन में सदर थाना कांड संख्या 330/26, सदर थाना कांड संख्या 342/26 और महिला थाना कांड संख्या 09/26 का उल्लेख किया गया है. इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम, अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम और बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज है.
मुख्य आरोपित पहले ही जा चुका है जेल
कृष्णा राय का कहना है कि जिन मामलों में वह गवाह हैं, उनमें मुख्य आरोपित ओवैस करणी उर्फ चुन्ना मुखिया और उसके सहयोगी मुंशी अमित को पुलिस गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. वर्तमान में इन मामलों की सुनवाई न्यायालय में चल रही है और वह गवाह के रूप में न्यायालय पहुंचे थे.
यही वह बिंदु है जिसने इस पूरे प्रकरण को और संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि आरोप सीधे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश से जुड़ा है.
कोर्ट के मुख्य द्वार पर रोककर धमकी देने का आरोप
शिकायत के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे कृष्णा राय अन्य गवाहों के साथ सहरसा न्यायालय पहुंचे थे. आरोप है कि कोर्ट के मुख्य द्वार के पास एक व्यक्ति ने उन्हें रोककर कहा कि यदि उन्होंने ओवैस करणी उर्फ चुन्ना मुखिया और मुंशी अमित के खिलाफ गवाही दी तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा.
कृष्णा राय ने आवेदन में दावा किया है कि बाद में उस व्यक्ति की पहचान सहरसा बस्ती निवासी इमरान उर्फ लड्डन के रूप में हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान मुख्य आरोपित का चचेरा भाई है.
परिवार को भी भुगतने होंगे परिणाम, लगाया गंभीर आरोप
वादी ने आरोप लगाया है कि उन्हें केवल व्यक्तिगत रूप से ही नहीं, बल्कि उनके परिवार को भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई. आवेदन में गाली-गलौज, डराने-धमकाने और गवाही प्रभावित करने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है.
ऐसे मामलों में गवाहों की सुरक्षा हमेशा एक बड़ा सवाल होती है. यदि कोई गवाह भय के कारण बयान बदल दे या अदालत में उपस्थित होने से कतराने लगे, तो गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई पर सीधा असर पड़ सकता है.
आरोपी की सरकारी नौकरी को लेकर भी चर्चा
मामले के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि जिस व्यक्ति पर धमकी देने का आरोप लगाया गया है, वह सदर थाना क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय तिवारी टोला में शिक्षक पद पर कार्यरत बताया जाता है. हालांकि इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
यह तथ्य फिलहाल चर्चा का विषय है और इसकी पुष्टि पुलिस जांच तथा संबंधित विभागीय अभिलेखों के आधार पर ही हो सकेगी.
पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद कृष्णा राय ने सदर थाना में आवेदन देकर आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और गवाहों तथा उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल आपराधिक धमकी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और गवाह को प्रभावित करने के प्रयास से जुड़ा गंभीर मामला भी बन सकता है.
Saharsa News: एसपी बोले- कानून के अनुसार नोटिस जारी होगा
पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने कहा कि इमरान नामक व्यक्ति पर गवाह को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है. उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला ऐसी धाराओं से संबंधित है जिनमें अधिकतम सजा सात वर्ष से कम है. ऐसे मामलों में भारतीय कानून के तहत गिरफ्तारी के बजाय पहले नोटिस जारी करने का प्रावधान है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान में न्यायालय में गवाही की प्रक्रिया चल रही है. गवाही पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के किसी भी आरोप को पुलिस गंभीरता से लेती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
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लेखक के बारे में
By अंजन आर्यन सिंह
पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. अब तक लगातार सहरसा से क्राइम और स्वास्थ्य की खबरें संकलित करता हूं.
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