कोसी स्नातक चुनाव की तारीखों का ऐलान: 14 जिलों में 23 अक्टूबर को वोटिंग, 27 को पूर्णिया में रिजल्ट, जानें पूरा शेड्यूल
सहरसा - जानकारी देते प्रमंडलीय आयुक्त व अन्य | Prabhat Khabar Network
कोसी स्नातक निर्वाचन के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को पूर्णियां में मतगणना होगी. आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है.
Saharsa News: बिहार के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है. बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान होते ही पूरे क्षेत्र में चुनावी बिगुल बज चुका है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही मंगलवार से पूरे निर्वाचन क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है जो 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी. सहरसा स्थित प्रमंडलीय सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग में कोसी सह पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त दिनेश कुमार ने चुनाव से जुड़ी पल-पल की तैयारियों और पूरे शेड्यूल का ब्यौरा साझा किया. इस घोषणा के साथ ही 14 जिलों के 1.34 लाख से अधिक शिक्षित मतदाताओं के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
चुनावी बिगुल बजा, जानिए नामांकन से लेकर नतीजे तक का पूरा टाइमटेबल
प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश कुमार ने बताया कि इस महत्वपूर्ण निर्वाचन की प्रक्रिया बेहद कड़े और पारदर्शी समय चक्र के तहत पूरी की जाएगी. आगामी 29 सितंबर को चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. इसके साथ ही प्रत्याशी अपना पर्चा दाखिल कर सकेंगे. नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख छह अक्टूबर तय की गई है. सात अक्टूबर को सभी जमा किए गए नामांकन पत्रों की जांच और संवीक्षा की जाएगी. यदि कोई प्रत्याशी अपनी उम्मीदवारी वापस लेना चाहता है तो उसके लिए नौ अक्टूबर की तिथि निर्धारित की गई है. इसके बाद मैदान में बचे प्रत्याशियों के बीच असली चुनावी जंग शुरू होगी. आगामी 23 अक्टूबर को सभी 14 जिलों में एक साथ मतदान कराया जाएगा और 27 अक्टूबर को पूर्णिया में वोटों की गिनती के साथ ही नए एमएलसी के नाम का फैसला हो जाएगा.
14 जिलों में फैला विशाल निर्वाचन क्षेत्र, 181 बूथों पर मुस्तैदी
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का भौगोलिक दायरा बेहद व्यापक और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसमें बिहार के 14 बड़े जिले शामिल हैं. इनमें खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई और बांका जिले आते हैं. इन सभी 14 जिलों में सुचारू और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए कुल 181 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इतने बड़े क्षेत्र में निष्पक्ष चुनाव कराना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है. इसलिए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अभी से ही मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं.
1.34 लाख स्नातकों के हाथों में चाबी, महिलाओं और थर्ड जेंडर की भागीदारी
यह चुनाव आम विधानसभा या लोकसभा चुनावों से इस मायने में बिल्कुल अलग होता है क्योंकि इसमें केवल स्नातक डिग्री धारक नागरिक ही मतदाता होते हैं. इस बार कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल एक लाख 34 हजार 593 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. मतदाता सूची के आंकड़ों के मुताबिक इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या एक लाख दो हजार 554 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 32 हजार 34 दर्ज की गई है. इसके अलावा सामाजिक समावेशिता की मिसाल पेश करते हुए चार ट्रांसजेंडर मतदाता भी इस बार अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करेंगे. शिक्षित युवाओं, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों के मुद्दों को सदन तक पहुंचाने के लिए यह चुनाव बेहद खास माना जा रहा है.
Saharsa News: प्रशासनिक मुस्तैदी और काउंटडाउन शुरू, पूर्णिया में बनेगी मतगणना केंद्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सहरसा के जिला अधिकारी दीपेश कुमार और पूर्णिया प्रमंडल के उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दिनेश लाल दास भी मौजूद रहे. प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए सभी जिलों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. मतदान और मतगणना कार्य में तैनात होने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे. आचार संहिता लागू होने के बाद अब राजनीतिक दलों और भावी प्रत्याशियों की हलचल बढ़ गई है. 27 अक्टूबर को पूर्णिया में होने वाली मतगणना के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि कोसी स्नातक क्षेत्र के प्रबुद्ध मतदाता इस बार किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं.
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