लोक अदालत आने वाली पीढ़ियों की वैमनस्यता करता है समाप्तः जिला जज
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 14 Dec 2024 5:53 PM
लोक अदालत आने वाली पीढ़ियों की वैमनस्यता करता है समाप्तः जिला जज
जिला जज ने राष्ट्रीय लोक अदालत का किया उद्घाटन सहरसा . व्यवहार न्यायालय परिसर के टेन कोर्ट बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार अध्यक्ष गोपाल जी, जिलाधिकारी सह उपाध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैभव चौधरी, पुलिस अधीक्षक सह सदस्य जिला विधिक सेवा प्राधिकार हिमांशु, एडीजे नितेश कुमार तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अश्वनी कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव अभिमन्यु कुमार, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद कुमार झा ने दीप प्रज्वलित कर किया. उद्घाटन समारोह में जिला जज गोपाल जी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत दो परिवार की कटुता को समाप्त कर खुशियां लाती है. आने वाली पीढ़ियों की वैमनस्यता समाप्त करता है. जहां सुमति तहां सम्पति नाना, जहां कुमति तहां बिपति निदाना. जिस घर में आपसी प्रेम एवं सद्भाव होता है वहां सारे सुख एवं सम्पत्ति होती है एवं जहां आपस में द्वेष व वैमनष्य होता है उस घर के वासी दुखी व विपन्न हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि छोटे छोटे बातों पर ध्यान नहीं नहीं देना चाहिए. छोटे-छोटे मामले समाप्त होने से अपने आप बड़े मुकदमे समाप्त हो जाते हैं. इसीलिए कहा गया है सभी को जियो एवं जीने दो की राह पर चलनी चाहिए. सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तू निरामया. राष्ट्रीय लोक अदालत जनता की अदालत है, आपकी अपनी अदालत है. इसका फैसला अंतिम फैसला होता है. कोई हार जीत नहीं होती है. इसमें दोनों पक्षों की जीत होती है. इसमें कोई भी पक्ष हारता नहीं है. संघ अध्यक्ष विनोद कुमार झा ने बैंक अधिकारियों से अनुरोध करते कहा कि ऋण धारकों के प्रति लचीला रुख अपनाया जाय. जिससे ज्यादा से ज्यादा मामले का निष्पादन हो सके. जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव अभिमन्यु कुमार ने कहा कि कोर्ट आने जाने में जो समय हम लगाते हैं उसे दूसरे कार्यों में लगाएं तो ज्यादा लाभ होगा. समझौता के आधार पर मुकदमों का निस्तारण करना लोक अदालत का मकसद है. जिसमें पक्षकारों के बीच शांति स्थापित होती है. अपने छोटे छोटे मुकदमे को समाप्त खुशी खुशी घर जाएं. इस मौके पर मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी सीजेएम अश्वनी कुमार एसीजेएम प्रथम सह सब जज चंदन कुमार वर्मा, एसडीजेएम सुमन कुमारी, भवानी प्रसाद, न्यायिक दंडाधिकारी मुंसिफ शिव श्रुतिका, अंजिता सिंह, अमित कुमार सिंह, अफजल खान, कृष्ण कुमार, चंदन ठाकुर, निखिल चंद्रा, अभिनव कुमार, मुकेश कुमार, कोर्ट मेनेजर रवि कुमार, न्यायालय कर्मी नाजिर निशार अहमद, नायब नाजिर पवन कुमार, डीएलएसए सहायक चंदन कुमार, निखिल कुमार सहित अन्य मौजूद थे. वहीं लोक अदालत में सुलहनीय वादों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल दस बेंचों का गठन किया गया. जिसमें 10 पीठासीन पदाधिकारी नियुक्त किया गया.
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