आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर हुआ युवा संवाद, राष्ट्र निर्माण व पंच परिवर्तन पर हुआ मंथन

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आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर हुआ युवा संवाद, राष्ट्र निर्माण व पंच परिवर्तन पर हुआ मंथन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित युवा संवाद में राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर गहन मंथन हुआ। मुख्य वक्ताओं ने संस्कार, संगठन और 'पंच परिवर्तन' के माध्यम से विकसित भारत की नींव रखने का आह्वान किया।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ में युवा संवाद के तहत विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विषय "राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका" रहा. संगोष्ठी का उद्घाटन गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी डॉ. अरुण कुमार जायसवाल, संघ के विभाग प्रचारक सुमित जी एवं सिंडिकेट सदस्य मेजर डॉ. गौतम कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया.

संस्कार और संगठन से बनेगा विकसित भारत

मुख्य ट्रस्टी डॉ. अरुण कुमार जायसवाल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सेवा, संगठन, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति का संरक्षण ही राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार है. संस्कारित, संगठित और जागरूक युवा ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की मजबूत नींव रख सकते हैं. उन्होंने युवाओं से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया.

शताब्दी वर्ष का लक्ष्य है 'पंच परिवर्तन'

संघ के विभाग प्रचारक सुमित जी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सामाजिक और वैचारिक चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है. इन चुनौतियों का समाधान राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले जागरूक युवाओं से ही संभव है. उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के प्रमुख लक्ष्य "पंच परिवर्तन" की विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत सामाजिक भेदभाव समाप्त करना, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्यों का पालन, पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण तथा स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना प्रमुख उद्देश्य हैं.

राष्ट्र की सुरक्षा और विकास में युवाओं की अहम भूमिका

सिंडिकेट सदस्य मेजर डॉ. गौतम कुमार ने कहा कि देश की सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने युवाओं से अपने व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया.

युवाओं ने लिया राष्ट्रसेवा का संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित युवाओं को राष्ट्रहित, समाज कल्याण और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य करने का संकल्प दिलाया गया. इस अवसर पर ज्ञानू, ललन सिंह, प्रखर, मनोज, सनोज सहित बड़ी संख्या में स्थानीय युवा, स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.

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Vinay Kumar Mishra

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