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एचएमपीवी वायरस से सुरक्षा को लेकर दिया गया निर्देश

Updated at : 07 Jan 2025 6:11 PM (IST)
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एचएमपीवी वायरस से सुरक्षा को लेकर दिया गया निर्देश

एचएमपीवी वायरस से सुरक्षा को लेकर दिया गया निर्देश

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स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने डीएम व सिविल सर्जन को लिखा पत्र , खांसी, बुखार, नाक बंद, गले में खराश, सांस लेने में हो सकती है तकलीफ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के संपर्क होने से फैल सकता है संक्रमण सहरसा . सचिव स्वास्थ्य विभाग संजय कुमार सिंह ने एचएमपीवी वायरस से सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी, सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया है. उन्होंने कहा कि एचएमपीभी एक सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस है. जिसका लक्षण कोविड 19 के समान है. विगत कई दिनों से चीन के कुछ प्रदेशों में रेस्पिरेटरी सिस्टम वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है. चीन द्वारा इसे सिजनल इंफ्लुएंजा माना जा रहा है. भारत में दिसंबर में एसएआरआई के 714 केस प्रतिवेदित हुए. जिसमें 9 मामले लैब टेस्ट में एचएमपीभी पॉजीटिव पाये गये. उन्होंने बताया कि एचएमपीभी एक रेस्पिरेटरी वायरस है. जो सबसे पहले नीदरलैंड में वर्ष 2001 में पाया गया. इसका लक्षण सबसे आम खांसी, बुखार, नाक बंद होना, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, गंभीर मामलों में ब्रोंकाइटिस, निमोनिया हो सकता है. उन्होंने कहा कि एचएमपीभी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने या छींकने से फैलता है. साथ ही संक्रमित व्यक्ति को छूने एवं संक्रमित वस्तुओं के मुंह, आंख या नाक के संपर्क होने से फैल सकता है. यह तीन से दिन एवं सर्दी व शुरुआती वसंत में हो सकता है. उन्होंने बताया कि एचएमपीभी से बचाव कोविड -19 के समान ही है. जिसमें हाथों को साबुन एवं पानी से लगातार धोना, गंदे हाथों से आंख, नाक अथवा मुंह को नहीं छूना, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना, खांसते एवं छींकते वक्त मुंह को रूमाल से ढकना, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आये वस्तुओं को लगातार साफ करना, संक्रमण की अवधि में खुद को घर में ही आइसोलेट करना, छोटे बच्चे, 60 वर्षों से अधिक उम्र वाले व्यक्ति व कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्ति के लिए विशेष ऐहतियात बरतने की जरूरत है. एचएमपीभी के संक्रमण से बचने के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल उपचार या टीका अब तक उपलब्ध नहीं है. इससे बचने के लिए उपचार जैसे खूब पानी पीना, आर्म करना, दर्द या श्वसन लक्षण को कम करना के लिए निर्धारित किया गया दवा लेना एवं गंभीर मामलों में आक्सीजन समर्थन देना है. उन्होंने कहा कि राज्य में एचएमपीभी के किसी भी तरह के आउट ब्रेक को रोकने के लिए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें. इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस एवं गंभीर तीव्र श्वसन निमोनिया की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए आईएचआईपी पोर्टल पर प्रतिदिन प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया. कोविड -19 से संबंधित दवाएं, किट, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन मास्क तैयार रखें. ट्रेंड पर लगातार ध्यान देते सभी स्वास्थ्य समस्याओं में फ्लू-कॉर्नर को एक्टिवेट करें. सभी स्वास्थ्य कार्यशालाओं को एचएमपीभी से बचाव के बारे में जानकारी दें. सभी स्वास्थ्य संबंधी में संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं की मैट्रिक्स मॉनिटरिंग करें. अस्पताल में गंभीर रूप से भर्ती केस के सैंपल एनआईवी, पूणे भेजे. जिससे एचएमपीभी का लैब कन्फर्मेशन हो सके. खासकर श्वसन तंत्र एवं बुखार के मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल को अधिक से अधिक सुव्यवस्थित करें. एचएमपीभी के नॉमिनल के लिए भर्ती की स्थिति में वार्ड, बेड के लिए अलग से ऑर्डर निर्गत करें.

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