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समझौता व मध्यस्थता को विवाद समाधान का सर्वोत्तम माध्यम बताने पर जोर

Updated at : 15 Nov 2025 7:00 PM (IST)
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समझौता व मध्यस्थता को विवाद समाधान का सर्वोत्तम माध्यम बताने पर जोर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के बीच शनिवार को वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गयी.

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बच्चों के बीच कराई वाद विवाद प्रतियोगिता विजेता प्रतिभागियों को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश ने किया सम्मानित सहरसा. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के बीच शनिवार को वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गयी. समझौता व मध्यस्थता विवाद समाधान का सर्वोत्तम माध्यम है बनाम विवाद निपटान के लिए मुकदमेबाजी सर्वोत्तम विकल्प है विषय पर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में न्यायिक प्रणाली, वैकल्पिक विवाद समाधान पद्धति व समाज में शांतिपूर्ण समाधान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था. प्रतियोगिता में कन्या उवि प्लस टू, डीपीएस, एकलव्य स्कूल, जेपीएस, केंद्रीय विद्यालय, मनोहर हाई स्कूल, सेंट जेवियर्स स्कूल, शांतिमिशन, डीएवी सहित अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. सभी प्रतिभागियों ने अपने विचार अत्यंत प्रभावशाली, तार्किक व तथ्यपूर्ण रूप से प्रस्तुत किया. कुछ प्रतिभागियों ने यह तर्क दिया कि समझौता व मध्यस्थता विवादों को बिना तनाव व कटुता के समाधान प्रदान करती है. इससे समय, धन, पारिवारिक या सामाजिक संबंध सुरक्षित रहते हैं. वहीं कुछ वक्ताओं ने कहा कि कई मामलों में न्यायालय का हस्तक्षेप ही न्याय प्राप्ति का अनिवार्य व सर्वोत्तम मार्ग होता है. विशेषकर तब, जब गंभीर अपराध, संवैधानिक अधिकार या जनहित के मुद्दे जुड़े हों. इस प्रकार प्रतियोगिता में दोनों पक्षों की ओर से संतुलित व समृद्ध विचारों का आदान–प्रदान हुआ. निर्णायक मंडल के परिणाम की घोषणा निम्नानुसार प्रथम स्थान शांति मिशन की अश्विका के, द्वितीय स्थान डीपीएस के माज अंसारी, तृतीय स्थान डीपीएस की इब्रा फिरदौसी रही. विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश अशुतोष कुमार झा ने मेमेंटो व प्रमाण–पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जबकि अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन प्रमाण पत्र दिया गया. मुख्य अतिथि प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी विवाद का उद्देश्य समाधान होना चाहिए, संघर्ष नहीं. जब दो पक्ष आपसी संवाद व समझ के माध्यम से स्वयं निर्णय लेते हैं, तो वह समाधान अधिक स्थायी व मानवीय होता है. समझौता व मध्यस्थता समय, धन व सामाजिक संबंधों की रक्षा करती है. न्यायाधीश ने सभी प्रतिभागियों के प्रयास की प्रशंसा करते कहा कि युवा ही राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं व उन्हें समाज में न्याय, शांति व संवाद की संस्कृति को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए. कार्यक्रम में जिला व अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता व शिक्षक, शिक्षिकाएं मौजूद थे. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सरोज कुमार सूरज ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज को यह संदेश देना था कि समाधान लड़ाई में नहीं, समझ व संवेदना में है. संवाद आगे बढ़ता है तो समाज आगे बढ़ता है. कार्यक्रम का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्षता सचिव संजय कुमार सरोज व संचालन सिविल जज नेहा कुमारी ने किया. इसे सफल बनाने में चंदन कुमार, आदिल उमर, यशस्वी कुमार मिश्रा व टीम की भूमिका सराहनीय रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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