खाद में मनमानी कीमत की हो रही वसूली

खाद में मनमानी कीमत की हो रही वसूली
नवहट्टा . प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत व ग्रामीण इलाके के 12 पंचायतों में सैकड़ों सरकारी पंजीकृत खाद-बीज विक्रेताओं की दुकानें हैं. लेकिन किसी भी दुकान पर सरकारी रेट के अनुसार किसानों के बीच खाद की आपूर्ति नहीं की जा रही है. खासकर तटबंध के अंदर ग्रामीण इलाकों में खाद की कीमतें विक्रेताओं की मनमानी के अनुसार वसूली जा रही है. किसानों को डीएपी, यूरिया सहित अन्य खादों के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है. निर्धारित रेट नहीं देने पर कई विक्रेता खाद देने से इंकार कर देते हैं. किसानों के साथ इस तरह की मनमानी में प्रखंड से लेकर जिला कृषि विभाग तथा पंचायत स्तर पर पदस्थापित कृषि समन्वयकों की मिलीभगत साफ नजर आती है. स्थिति यह है कि किसी भी दुकान पर बोर्ड पर उपलब्ध खादों का स्टॉक नहीं दर्शाया जाता है. किसान जब दुकान पर जाते हैं तो मनमानी पैसे देने पर ही खाद उपलब्ध करायी जाती है, अन्यथा उन्हें खाली हाथ लौटा दिया जाता है.
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लेखक के बारे में
By दीपांकर श्रीवास्तव
दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.
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