शराब की दुकान में अब बिकने लगा डेयरी प्रोडक्ट

Published at :07 Oct 2016 5:45 AM (IST)
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शराब की दुकान में अब बिकने लगा डेयरी प्रोडक्ट

सफलता शराबबंदी की : कहानी सहरसा से सहरसा : शहर का बंगाली बाजार व चांदनी चौक जाने से लोग पहले देर रात कतराते थे, लेकिन अब बेहिचक आते-जाते हैं. शराबबंदी से पूर्व लोग इन दोनों जगहों का नाम सुनते ही लोग मुंह बनाने लगते थे कि पता नहीं कही किसी शराबी से पल्ला न पड़ […]

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सफलता शराबबंदी की : कहानी सहरसा से
सहरसा : शहर का बंगाली बाजार व चांदनी चौक जाने से लोग पहले देर रात कतराते थे, लेकिन अब बेहिचक आते-जाते हैं. शराबबंदी से पूर्व लोग इन दोनों जगहों का नाम सुनते ही लोग मुंह बनाने लगते थे कि पता नहीं कही किसी शराबी से पल्ला न पड़ जाये. लेकिन, अब लोग परिवार के साथ भी जाने से नही हिचकते हैं. पास में स्टेशन व दर्जनों होटल होने के कारण यहां शाम ढलते ही जाम छलकने लगता था. लेकिन, शराबबंदी के बाद चांदनी चौक स्थित शराब की एक दुकान में सुधा दूध का पॉर्लर खुल गया है, तो दूसरी में मोबाइल की दुकान.
वहीं, बंगाली बाजार स्थित शराब दुकान में भी आलू का कारोबार शुरू हो गया है. सरकार के इस फैसले ने सैकड़ों घरों की माली हालात को सुधार दिया. बटराहा की कविता देवी ने बताया कि मेरे पति अश्विनी टैंपो चला कर परिवार का पालन-पोषण करते थे. प्रतिदिन 500-600 रुपये की कमाई हो जाती है. परिवार का गुजारा अच्छे से हो जाता था. लेकिन, धीरे-धीरे उन्हें शराब की लत लग गयी और वे दिन में भी शराब पीने लगे. स्थिति इतनी खराब
गयी कि रात को जब घर आते, तो पूरी तरह शराब के नशे में होते थे. कभी 100 रुपये घर के लिए देते, तो कभी 50 रुपये. कमाई का अधिकतर हिस्सा शराब में ही उड़ा देते थे. इसके कारण परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गयी और आये दिन लड़ाई-झगड़ा होने गया. पूरा परिवार बरबादी के कगार पर आ गया. इसी बीच सरकार ने शराबबंदी कानून लागू कर दिया. कुछ दिन तो वे इधर-उधर भटके, लेकिन फिर शराब पीना छोड़ दिया. अब पूरी कमाई घर आती है.
इससे एक तरफ जहां घर में शांति आयी है. वहीं, दूसरी तरह आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है. शराबबंदी के बाद सदर अस्पताल के पूर्वी हिस्से में 20 बेड का नशामुक्ति खोला गया. इसमें अब तक 115 मरीज इलाज के लिए पहुंचे.
इनमें से 15 मरीजों को भरती करना पड़ा. अब यहां आनेवालों की संख्या न के बराबर हो गयी है. जिले में 11465 आदतन शराबियों की पहचान हुई है, इनमें 276 महिलाएं भी शामिल हैं.
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