कीचड़ व गंदगी के बीच कर रहे सेहत का सौदा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Jul 2016 6:40 AM (IST)
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समस्या. सब्जी व मछली बाजार को बसाने की नहीं हो रही पहल सुपर बाजार के सामने बने लोक बाजार में सब्जी व मछली हाट को बसाने की योजना थी. लेकिन इस पर काम नहीं किया गया. ऐसे में कीचड़क के बीच बाजार में व्यवसायी तो मालामाल हो रहे हैं. लेकिन खरीदार संक्रमण का उपहार ले […]
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समस्या. सब्जी व मछली बाजार को बसाने की नहीं हो रही पहल
सुपर बाजार के सामने बने लोक बाजार में सब्जी व मछली हाट को बसाने की योजना थी. लेकिन इस पर काम नहीं किया गया. ऐसे में कीचड़क के बीच बाजार में व्यवसायी तो मालामाल हो रहे हैं. लेकिन खरीदार संक्रमण का उपहार ले जा रहे हैं.
सहरसा: इनसान के सेहत से खिलवाड़ कर शहर के मध्य में अवैध रूप से संचालित सब्जी व मछली बाजार में प्रत्येक महीने करोड़ों का कारोबार हो रहा है. कीचड़ व गंदगी के बीच इंसानी सेहत का सौदा इस कदर हो रहा है कि ताजा खाद्य पदार्थ खाने की चाह लिए इन बाजार तक पहुंचने वाले खरीदार संक्रमण की सौगात लिए रसोई तक पहुंच रहे हैं. बारिश के समय इन दोनों बाजार की दशा काफी भयावह हो जाती है. कीचड़ व गंदगी पर भिनभिनाती मक्खी फल, सब्जी व मछलियों को खराब कर देती है. जिला प्रशासन हो या स्वास्थ्य महकमा मानव हित की रक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाने के बजाय उदासीन बनी हुई है.
जमीन पर रख बेचते हैं सब्जी: सब्जी बाजार की स्थिति किसी से छुपी नहीं है. सड़क के बीच जमीन पर साग-सब्जी को रख लोग बिक्री करते हैं. जबकि सड़क पर कीचड़ के अलावा दुकानदारों द्वारा फेंकी गयी सड़ी हुई सब्जी व फल बदबू देती रहती है. सड़क से गुजरने वाली वाहनों के टायर से उड़ते छींटे पर सब्जियों को दूषित करते हैं. खेत से बाजार पहुंची ताजा सब्जियां मंडी में संक्रमित हो रही हैं, इसका लोग अंदाजा नहीं लगा पाते हैं.
लोक बाजार बन गया तबेला: मुख्यालय स्थित सुपर बाजार के समीप बनाये गये लोक बाजार के निर्माण को दशकों बीत चुके हैं. इसके बावजूद लोक बाजार को अस्तित्व में नहीं लाया गया. जिले में जब कभी किसी नये डीएम का पदस्थापन हुआ तो लोक बाजार को संवारने की सुगबुगाहट होती है. लेकिन समय के साथ इस परियोजना को भुला दिया जाता है. फिलवक्त रखरखाव के अभाव में लोकबाजार की छत टूटने लगी है. इसके अलावा बनाये गये दुकानों में लोगों ने अतिक्रमण कर भूसे का व्यवसाय शुरू कर दिया है. जबकि बाजार में व्यवसायियों की सुविधा के लिए दुकान व हाट में ग्रिल सहित पेयजल व शौचालय की समुचित व्यवस्था की गयी थी.
गंदगी से हो सकता है संक्रमण
बदबू का मतलब मछली बाजार!
डीबी रोड स्थित मछली बाजार की स्थिति और भी दयनीय है. बाजार में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं रहने की वजह से बारिश व दुकानों का पानी सड़क पर ही जमा रहता है. जिसके बाद मछली धोने के लिए प्रयुक्त किये गये पानी को भी सड़कों पर बहा दिया जाता है. स्थानीय व्यवसायियों ने बताया कि आज तक कभी भी मछली बाजार की सड़क का निर्माण नहीं किया गया है. बाजार के इर्द गिर्द से गुजरने वाले लोग नाक पर रूमाल रख गुजरने को बाध्य हैं.
गंदगी के बीच खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से संक्रमण शरीर में फैलता है. इससे कई प्रकार के रोग पनपते हैं. फूड सेफ्टी को लेकर लोगों को स्वयं जागरूक बन ऐसे बाजार का सार्वजनिक बहिष्कार करना चाहिए.
डॉ विजय शंकर, चिकित्सक
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