कौन बदलेगा शहर की बदरंग सूरत...
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 May 2016 5:51 AM (IST)
विज्ञापन

मुसीबत. आठ िदन बाद भी मुहल्लों की सड़कों पर जमा है बारिश व नाले का पानी, आखिर लगातार विकराल होती जा रही जलजमाव की समस्या पर न तो कोई जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं, न सरकार और न ही प्रशासन. ऐसे में यह लगातार बड़ा सवाल बनता जा रहा है कि आखिर मूलभूत और आवश्यक […]
विज्ञापन
मुसीबत. आठ िदन बाद भी मुहल्लों की सड़कों पर जमा है बारिश व नाले का पानी, आखिर
लगातार विकराल होती जा रही जलजमाव की समस्या पर न तो कोई जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं, न सरकार और न ही प्रशासन. ऐसे में यह लगातार बड़ा सवाल बनता जा रहा है कि आखिर मूलभूत और आवश्यक सुविधाएं कौन उपलब्ध करायेगा.
सहरसा मुख्यालय : आसमान में बादल गरजते हैं, तो यहां लोगों का दिल कांप जाता है. बूंदाबांदी शुरू होती है, तो मन का घबराना शुरू हो जाता है. बौछारें शुरू होती हैं तो मन बैठ जाता है और मूसलधार बारिश के शुरू होते ही उन्हें अपना भविष्य बेकार होता दिखने लगता है.
प्रचंड गरमी व लू से राहत देने के बाद भी शहर के लोगों को वर्षा सुहानी नहीं लगती है. सरकार को वाजिब टैक्स देने के बाद भी यह सब सिर्फ नागरिक सुविधा व व्यवस्था की कमी से ही हो रहा है. लगातार विकराल होती जा रही जलजमाव की समस्या पर न तो कोई जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं, न सरकार और न ही प्रशासन. ऐसे में यह लगातार बड़ा सवाल बनता जा रहा है कि आखिर मूलभूत और आवश्यक सुविधाएं कौन उपलब्ध करायेगा.
लगभग 15 वर्ष पूर्व जलजमाव की समस्या शहर के कुछ इलाकों में ही थी. लेकिन अब यह पूरे शहर को अपनी गिरफ्त में ले चुकी है. बावजूद, निराकरण का स्थायी उपाय नहीं किया जाना शर्मनाक व दुर्भाग्यपूर्ण ही है.
दस दिन बाद भी नहीं हटा पानी : तीन मई की रात घंटे भर मूसलधार बारिश हुई थी. इसमें शहर के सभी प्रमुख इलाकों में पानी जमा हो गया था. दस दिन बीत जाने के बाद भी जलजमाव वाले ये सभी इलाके जलमग्न ही हैं. स्थानीय लोग परेशान हैं. कीचड़ व गंदे पानी से होकर सड़क पार करने को बेबस बने हुए हैं. सबसे विकट स्थिति रहमान चौक, चाणक्यपुरी, कॉलेज रोड, राइस मिल लेन, पंचवटी, नया बाजार, न्यू कॉलोनी, गांधी पथ, कलाली रोड, ताड़ी स्ट्रीट की है.
यहां एक बार जल जमाव हो गया, तो वह घटने का नाम नहीं लेता है. मानसून के प्रवेश करने में अभी लगभग दो माह का समय बाकी है. शहर में बसे लोग बस इतना ही कह पा रहे हैं कि जब बेमौसम बारिश में यह हाल है, तो बरसात के मौसम में क्या दशा होगी.
लगातार बढ़ती जा रही है जलजमाव की समस्या
शासन-प्रशासन मामले के प्रति है उदासीन
सड़क पर जमा बारिश का पानी यदि साफ हो तो कोई बात नहीं, लेकिन नगर परिषद की लापरवाही के कारण यह भी दुर्भाग्य ही है कि थोड़ी सी बारिश हुई नहीं और नाले व सड़क एक समान हो जाते हैं. नाले का सारा कचरा व कीचड़ सड़क पर तैरता नजर आता है. जहां कहीं पानी जमा होता है, वहां की सड़कें भी टूटी हुई हैं. सूखे की स्थिति में संभल कर चलने वाले पानी जमा होने के बाद अक्सर गिरते और चोटिल होते रहते हैं, लेकिन व्यवस्था सुधारने की दिशा में कहीं से कोई पहल नहीं दिखती है. नाला विहीन मुहल्लों में कहीं भी नाला बनता नहीं दिख रहा है. ड्रेनेज सिस्टम पर भी कहीं काम नजर नहीं आ रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




