खुले में सजती मांस-मछली की दुकानें, नियमों की उड़ रही धज्जियां
Author Dipankar shriwastaw
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नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत ब्लॉक चौक के समीप खुले में मांस और मछली की दुकानों के सजने से स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं.
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नगर परिषद की उदासीनता से बढ़ी गंदगी, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
सिमरी बख्तियारपुर. नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत ब्लॉक चौक के समीप खुले में मांस और मछली की दुकानों के सजने से स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. मुख्य सड़क किनारे बिना किसी ढकाव, बिना स्वच्छता मानकों और बिना निर्धारित व्यवस्था के मांस-मछली की बिक्री खुलेआम की जा रही है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर देर शाम तक इन दुकानों पर भीड़ लगी रहती है, लेकिन साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है. खुले में मांस टांगे जाने और मछलियों को बिना ढंके रखने से मक्खियों का जमावड़ा लगा रहता है, जो सीधे तौर पर बीमारियों को आमंत्रण देता है. आसपास के दुकानदार और आमजन इससे खासे परेशान हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है.सरकार के सख्त निर्देश, फिर भी पालन नहीं
बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया है कि राज्य में खुले में मांस और मछली की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी. केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों को ही संचालन की अनुमति होगी और उन्हें भी निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा. नियमों के अनुसार दुकानों का पंजीकरण आवश्यक है, मांस को खुले में प्रदर्शित नहीं किया जा सकता, दुकान में कवर या कांच की व्यवस्था होनी चाहिए तथा साफ-सफाई और हाइजीन का विशेष ध्यान रखना होगा. सरकार ने नगर निकायों को यह भी निर्देश दिया है कि बिना लाइसेंस संचालित हो रही दुकानों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाये. जरूरत पड़ने पर ऐसी दुकानों को बंद करने और जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है.नगर परिषद की भूमिका पर उठे सवाल
इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सिमरी बख्तियारपुर में नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है. नगर परिषद की ओर से न तो नियमित जांच की जा रही है और न ही दुकानदारों पर किसी प्रकार की सख्ती दिख रही है. इससे यह साफ जाहिर होता है कि स्थानीय स्तर पर नियमों के पालन को लेकर गंभीरता का अभाव है. विशेषज्ञों के अनुसार, खुले में मांस-मछली की बिक्री से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. दूषित वातावरण में रखे गए खाद्य पदार्थ लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डालते हैं. यही वजह है कि स्थानीय लोग अब प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है. उन्होंने मांग की है कि नगर परिषद इस दिशा में ठोस कदम उठाए, नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराए और शहर को स्वच्छ व सुरक्षित बनाये.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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लेखक के बारे में
By दीपांकर श्रीवास्तव
दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.
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