सिविल सेवा परीक्षा में ऋषभ व गोिवंद सफल

Published at :12 May 2016 5:51 AM (IST)
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सिविल सेवा परीक्षा में ऋषभ व गोिवंद सफल

प्रथम प्रयास में ही पायी बड़ी सफलता सहरसा सदर : जिले में उस समय लगातार दूसरी खुशी की खबर गूंजी, जब सिविल सेवा परीक्षा में जिले के ऋषभ कुमार झा 162वें स्थान पर व सहरसा सलखुआ के लोकचंद्र बिहार में प्रथम स्थान पर रहे. स्थानीय कायस्थ टोला वार्ड 29 निवासी राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय के प्रो […]

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प्रथम प्रयास में ही पायी बड़ी सफलता

सहरसा सदर : जिले में उस समय लगातार दूसरी खुशी की खबर गूंजी, जब सिविल सेवा परीक्षा में जिले के ऋषभ कुमार झा 162वें स्थान पर व सहरसा सलखुआ के लोकचंद्र बिहार में प्रथम स्थान पर रहे. स्थानीय कायस्थ टोला वार्ड 29 निवासी राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय के प्रो डॉ किशोर नाथ झा व माता किरण झा के छोटे पुत्र ऋषभ ने सिविल सेवा परीक्षा के प्रथम प्रयास में सफलता प्राप्त की. स्थानीय कायस्थ टोला के प्ले एण्ड लर्न स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा शुरू करने के बाद दसवीं बोर्ड की परीक्षा आर के मिशन देवघर से की. वहीं 12वीं डीएवी श्यामली रांची से करने के बाद एक वर्ष तक कोटा में इंजीनियरिंग की तैयारी की.
जहां से उसने एनआइटी सुरतकल कर्नाटक से वर्ष 2014 में पढ़ाई संपन्न की. इसके बाद सिविल सेवा की तैयारी में जुट गये. जहां प्रथम प्रयास में उन्होंने 162वां स्थान प्राप्त किया. तीन भाई बहनों में बड़े भाई ऋषिकेश कुमार झा बीएसपी फूड टेक्नोलॉजी से करने के बाद नेश्ले कंपनी में क्वालीटि इंजीनियर हैं, जबकि छोटी बहन सुरभि कुमारी एक्सिस बैंक करोलबाग दिल्ली में बैंक उप प्रबंधक के पद पर कार्यरत है.
इनकी सफलता से जहां परिवार के लोगों में खुशी व्याप्त है, वहीं जिले के लोगों द्वारा बधाइयां दी जा रही है. मैथिली विषय से सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण होने वाले ऋषभ ने दूरभाष पर बताया कि बचपन से ही पुलिस सेवा में जाने की इच्छा बलवती थी. परिवार में इस तरह के पद पर कोई नहीं थे. जिससे इच्छा बढ़ती गयी तथा कॉलेज के समय से ही इसकी तैयारी करने लगा था. उन्होंने कहा कि कराहते मानवता की सेवा का जज्बा इस ओर खींच लाया. लोगों की सेवा ही मेरा उद्देश्य है.
कड़ी मेहनत व लगन व्यर्थ नहीं जाता : गोविंद
सहरसा सिटी. शहर के नगरपालिका चौक पर किराये के मकान में रहकर अपनी प्राइमरी शिक्षा प्राप्त करने वाले शिक्षक महेश झा के पुत्र गोविंद झा ने सिविल सेवा परीक्षा में 236वां रैंक प्राप्त कर कोसी का नाम रोशन किया है. जिला मुख्यालय स्थित केंवेन्डिस पब्लिक स्कूल से प्रांरभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद सेंट जोसेफ पब्लिक स्कूल समस्तीपुर से वर्ष 2003 में 98 प्रतिशत अंक के साथ दसवीं व वर्ष 2005 में 97 प्रतिशत अंक से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की. शुरूआती दौर से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाले गोविंद ने बारहवीं के बाद अपने सपनों को पंख लगा दिया.
बारहवीं में अच्छे अंक से पास होने के बाद मेडिकल की परीक्षा में सफल होकर डीएससीएच दरभंगा से एमबीबीएस किया. समाज की सेवा करने की ललक इन्हें डॉक्टर बनने के बाद दिल्ली खींच कर ले गयी. जहां कड़ी मेहनत की बदौलत तीसरे प्रयास में सफलता ने कदम चूमा. प्रभात खबर से खास बातचीत करते गोविंद ने कहा कि रैंक के हिसाब से उन्हें इंडियन पुलिस सर्विस आइपीएस कैडर मिलेगा. मानव शास्त्र विषय को वैकल्पिक विषय रख देश की सबसे बड़ी परीक्षा में सफलता की बाबत उन्होंने कहा कि यदि छात्र कड़ी मेहनत व लगन से किसी भी परीक्षा की तैयारी करे तो वह व्यर्थ नहीं जाता है. एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि डॉक्टर बन आप कुछ मरीज की ही सेवा कर सकते हैं लेकिन यूपीएससी में उत्तीर्ण होकर नियम व कानून के तहत समाज स्तर पर आप लोगों की सेवा कर सकते हैं. आइपीएस बनना उनका सपना था जो मां-बाप के आशीर्वाद से पूरा हुआ. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई-बहन को देते कहा कि कोसी में प्रतिभा की कमी नहीं है. जरूरत है छात्रों को लगन व मेहनत के साथ तैयारी करने की. गोविंद के पिता महेश झा मुरहो हाइस्कूल से सेवानिवृत हैं. वहीं माता का निधन कुछ वर्ष पूर्व हो चुका है. बड़ा भाई डॉ गौतम कुमार रिम्स रांची में पदस्थापित है. बड़ी बहन कुमारी मनीषा सुपौल जिले में शिक्षिका व छोटी बहन कुमारी शारदा एमएलटी कॉलेज से कैमिस्ट्री से पीजी कर रही है.
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