नीतीश सरकार ने सवर्णों के हित में 118 करोड़ खर्च किये

सहरसा : शहरगरीब सवर्णों के हित में बिहार सरकार ने जो कार्य किया है ये कार्य भारत के अन्य राज्यों में नहीं हुआ है. गरीब सवर्णों के लिए राज्य सरकार ने 118 करोड़ की राशि खर्च की है. उक्त बातें व्यक्तिगत कार्यों से समाहरणालय स्थित आकांक्षा अनाथ आश्रम पहुंचे सवर्ण आयोग के सदस्य नरेंद्र कुमार […]
सहरसा : शहरगरीब सवर्णों के हित में बिहार सरकार ने जो कार्य किया है ये कार्य भारत के अन्य राज्यों में नहीं हुआ है. गरीब सवर्णों के लिए राज्य सरकार ने 118 करोड़ की राशि खर्च की है. उक्त बातें व्यक्तिगत कार्यों से समाहरणालय स्थित आकांक्षा अनाथ आश्रम पहुंचे सवर्ण आयोग के सदस्य नरेंद्र कुमार सिंह ने मीडिया कर्मियों से कही.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बनाये गये आयोग की अनुशंसा पर गरीब सवर्ण छात्र-छात्राएं जो बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए हैं. उन्हें 10 हजार की सहायता राशि दी जा रही है. जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 1.50 लाख तक है.
उन्होंने कहा कि गरीब सवर्णों को तीन डिसमिल जमीन के लिए भी आयोग जल्द अपनी अनुशंसा भेजेगा जिस पर कैबिनेट की मंजूरी के बाद भूमिहीन सवर्णों को भी जमीन उपलब्ध हो सकेगी.
उन्होंने बताया कि सवर्णों की संख्या का सर्वेक्षण नहीं हो पाया है. लेकिन अनुमान के तौर पर ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ, भूमिहार की कुल आबादी 21.8 प्रतिशत एवं सवर्ण मुस्लिम शेख, सैयद, पठान की आबादी आठ प्रतिशत पूरे राज्य में है. मोटे तौर पर अभी इसे आधार मानकर कार्य किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि जल्द ही वो जिले में सवर्णों को दी जा रही सुविधा की समीक्षा जिला स्तर पर करेंगे. अनाथ आश्रम की बदहाली संबंधी प्रश्न पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी रजिस्टर्ड एनजीओ को लाभ दिया जा रहा है.
यह अनाथ आश्रम रजिस्टर्ड नहीं रहने के कारण लाभ से वंचित हैं. इस मौके पर जिप सदस्य प्रवीण आनंद, अनिल कुमार मिश्र, सुभाष गांधी, आश्रम संचालक शिवेन्द्र कुमार सहित अन्य मौजूद थे. फोटो-सवर्ण 19- अनाथ आश्रम पहुंचे आयोग के सदस्य
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










