30 तक ही मिलेगा होल्डिंग आइडी

सहरसा: नगर विकास विभाग के निर्देश के बावजूद स्थानीय नगर परिषद की उदासीनता की वजह से क्षेत्र के हजारों होल्डिंग टैक्स उपभोक्ता ऑन लाइन आइडी व पासवर्ड नहीं ले पायेंगे, जबकि सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा 30 सितंबर तक की तारीख ही तय की गयी है. मिली जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा स्व […]
सहरसा: नगर विकास विभाग के निर्देश के बावजूद स्थानीय नगर परिषद की उदासीनता की वजह से क्षेत्र के हजारों होल्डिंग टैक्स उपभोक्ता ऑन लाइन आइडी व पासवर्ड नहीं ले पायेंगे, जबकि सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा 30 सितंबर तक की तारीख ही तय की गयी है. मिली जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा स्व कर निर्धारण प्रणाली प्रपत्र भरने का निर्देश 8 मई 2013 को ही पत्र के माध्यम से जारी किया गया था, जिसका अनुपालन अभी तक नहीं किया गया है.
आइडी के फायदे
स्व कर निर्धारण प्रणाली प्रपत्र भरने के बाद नगर विकास विभाग द्वारा क्षेत्र के होल्डिंग कर दाताओं को आइडी व पासवर्ड उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके बाद करदाता द्वारा 666.ल्लंॅं12ी5ं.्रल्ल पर कभी भी अपने करों की जानकारी व नप के नये नियमों व संपत्ति की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जा सकती है. इस सेवा के शुरू होने के बाद उन्हें घर बैठे ही ऑन लाइन भुगतान किया जा सकता है. सामान्यत: सूबे के अन्य नगर परिषद क्षेत्रों व नगर निगम में यह सुविधा पूर्व में ही बहाल हो गयी है. इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा वार्ड में तैनात कर्मियों को प्रपत्र मुहैया नहीं कराया गया है.
इस तरह होगा भुगतान
नगर परिषद की उपरोक्त वेबसाइट पर क्षेत्र के आवासीय व व्यावसायिक भूखंड व मकान का कर व नक्शा उपलब्ध है. नप द्वारा जारी लिंक पर क्लिक करने के साथ ही प्रोसेस के अनुसार भुगतान पूर्व प्रपत्र का प्रिंट चालान लेकर बैंक में जमा कराया जा सकता है, जहां बैंक द्वारा करदाता को पावती रसीद दी जायेगी.
खाली जमीन का भी टैक्स
व्यावसायिक व आवासीय परिसर के अलावा आपकी खाली जमीन का भी होल्डिंग टैक्स भुगतान करना अनिवार्य हो गया है. आवासीय परिसर में खाली जमीन व पूर्णत: खाली जमीन दोनों ही स्थिति में टैक्स भुगतान देय होगा, जिसमें प्रधान सड़क व मुख्य सड़क की दूरी व क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग राशि तय की गयी है.
किरायेदार को टैक्स
बिहार नगरपालिका संपत्ति कर नियमावली- 2013 के अनुसार मकान मालिक की अनुपस्थिति में किरायेदार को ही टैक्स का भुगतान करना होगा. इस नियम की अवमानना करने पर नप द्वारा कानून सम्मत कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा काफी दिनों से खाली पड़े आवासीय व व्यावसायिक परिसर के मालिक को भी कुल देय टैक्स की राशि का पचहत्तर फीसदी भुगतान करना होगा. वहीं कर निर्धारण में वास्तविक सच्चई को छुपा कम कर निर्धारण करने वाले गृहस्वामी को अंतर राशि का शत- प्रतिशत दंड के रूप में भुगतान करना होगा.
यहां नहीं लगता है टैक्स
नगरपालिका नियमावली के अनुसार आपको अपनी रसोई, गैरेज व बरामदा के लिए पचास फीसदी टैक्स का भुगतान करना है. इसके अलावा पूजा घर व शौचालय के लिए होल्डिंग टैक्स का भुगतान नहीं करना है. वहीं मकान के बेड रूम व स्टोर के लिए शत-प्रतिशत कर राशि का भुगतान करना अनिवार्य है. कुल भूखंड के 75 फीसदी जगह पर भवन निर्मित होने पर शेष खाली पड़ी जमीन पर टैक्स देय नहीं होगा. इससे अधिक खाली जमीन पर भी टैक्स का भुगतान करना होगा.
दी जा रही ट्रेनिंग
नगर विकास विभाग के निर्देशानुसार गुरुवार को स्पर के मुकेश कुमार के द्वारा क्षेत्र के टैक्स दारोगा को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम में टैक्स दारोगा देव नारायण साह, जितेंद्र कुमार, संजीव वर्मा, अमित यादव, अनिल कुमार, किशोर झा, राज किशोर सिंह, बाल किशोर सिंह, गणोश लाल देव, आशिष आनंद, मैधम बैठा, अमित साह, मनीष कुमार, इंद्र किशोर सिंह, मो रज्जीउद्दीन व परमित कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
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