बैंक व बाजार से 2000 के नोट गायब!
Updated at : 04 Apr 2019 3:36 AM (IST)
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सहरसा : लोकसभा चुनाव का असर अब बैंक व बाजार में दिखने लगा है. दोनों ही जगहों से 2000 रुपये के नोट गायब हो गये हैं. अब सब जगह सबसे बड़े नोट के रूप में 500 रुपये के नोट ही दिख रहे हैं. बैंकों में दो हजार रुपये के नोट उपलब्ध नहीं रहने के कारण […]
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सहरसा : लोकसभा चुनाव का असर अब बैंक व बाजार में दिखने लगा है. दोनों ही जगहों से 2000 रुपये के नोट गायब हो गये हैं. अब सब जगह सबसे बड़े नोट के रूप में 500 रुपये के नोट ही दिख रहे हैं. बैंकों में दो हजार रुपये के नोट उपलब्ध नहीं रहने के कारण किसी भी एटीएम में यह नोट नहीं भरे जा रहे हैं.
लिहाजा एटीएम भी सिर्फ 500 रुपये के नोट ही उगल रहा है. जिले के किसी भी थोक अथवा खुदरा व्यवसायी के पास भी 2000 रुपये का बड़ा नोट उपलब्ध नहीं है.
हालांकि इस नोट के नहीं होने से आम लोगों में कोई परेशानी नहीं हो रही है. लेकिन बड़े व्यवसायियों के लिए छोटे नोटों के बंडल का ट्रांजेक्शन करना परेशानी का सबब बना हुआ है. ऐसी स्थिति में एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर ये बड़े नोट कहां गायब हो गए या इसे किसने दबा रखा है.
निकासी में बैंक भी दे रहा छोटे नोट: स्टेशनरी के थोक विक्रेता दिलीप कुमार झा ने बताया कि पिछले दो महीने से ही उनकी दुकान में दो हजार रुपये के नोटों का आना लगभग बंद है. सिर्फ पांच सौ रुपये के और छोटे नोट ही आ रहे हैं. रेडीमेड के थौक कारोबारी रितेश वत्स ने कहा कि उनके पास भी भूले-भटके ही यदा-कदा दो हजार के एक-दो नोट आ जाते हैं.
छोटे नोटों के बंडल लेकर बैंक या बड़े महाजन के पास जाने में परेशानी होती है. किराना के होलसेलर सोनू गुप्ता ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व तक सिर्फ दो हजार के नोट ही आते थे. वापस लौटाने के लिए खुदरा की व्यवस्था करनी होती थी. लेकिन अब सिर्फ 500, 200 और 100 रुपये के नोट ही आ रहे हैं. जमा कराने बैंक ले जाने में परेशानी और भय दोनों होता है.
दो हजार रुपये के नोट के चलन में रहने से उन्हें यह परेशानी नहीं होती थी. लोगों ने बताया कि निकासी के लिए जाने पर बैंक भी 500 अथवा इससे छोटे नोट ही दे रही है. लोगों ने कहा कि चुनाव का समय है और यह सब चुनाव का ही प्रभाव है.
बाजार से नहीं लौट रहे बड़े नोट
प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर मुकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पोस्टऑफिस के खाताधारी अपने एकाउंट में दो हजार रुपये के नोट जमा नहीं कर रहे हैं और न ही भुगतान के लिए बैंक से ही उन्हें ये बड़े नोट मिल रहे हैं.
लिहाजा बड़े भुगतान के लिए भी उन्हें 500 अथवा छोटे नोटों का ही उपयोग करना पड़ रहा है. इधर एसबीआई के रिजनल मैनेजर प्रशांत कुमार बरियार बताते हैं कि लगभग बीते दो महीने से दो हजार रुपये के नोट की किल्लत बनी हुई है.
जो नोट बैंक अथवा एटीएम से बाहर निकला, वह वापस बैंक में जमा नहीं हो पाया है. बैंक लौटने के बाद ही उन रुपयों का एटीएम अथवा लोगों के बीच ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा.
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