जब शिक्षक ही नहीं हैं, तो क्यों कर दिया स्कूल को प्लस टू में उत्क्रमित
Updated at : 10 Apr 2018 6:37 AM (IST)
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पढ़ाई के नाम पर होती है खानापूर्ति अतिथि शिक्षकों की बहाली पर स्थानीय विभाग खामोश किसी विद्यालय में नहीं बनी है कमेटी न ही रिक्तियों का बनाया जा रहा रोस्टर विभाग ने प्रति विद्यालय छह शिक्षकों में अतिथि शिक्षकों की बहाली का महीनों पूर्व दिया था निर्देश जानकारी लेने डीइओ कार्यालय का चक्कर लगा रहे […]
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पढ़ाई के नाम पर होती है खानापूर्ति
अतिथि शिक्षकों की बहाली पर स्थानीय विभाग खामोश
किसी विद्यालय में नहीं बनी है कमेटी न ही रिक्तियों का बनाया जा रहा रोस्टर
विभाग ने प्रति विद्यालय छह शिक्षकों में अतिथि शिक्षकों की बहाली का महीनों पूर्व दिया था निर्देश
जानकारी लेने डीइओ कार्यालय का चक्कर लगा रहे बेरोजगार युवक
सहरसा : जिले के उत्क्रमित प्लस टू विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण जहां विद्यार्थी का भविष्य अंधकार में दिख रहा है. वहीं विभाग द्वारा अतिथि शिक्षक के बहाली संबंधी निर्देश पर कोई क्रियान्वयन जिला स्तर पर नहीं किया जा रहा है. शिक्षा विभाग द्वारा लगभग दो माह पहले जिले के सभी उत्क्रमित प्लस टू विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के रूप में कमेटी द्वारा बहाल किये जाने पर निर्देश दिया गया था. इसके लिए डीइओ स्तर पर विद्यालयवार रिक्तियां मंगाकर विज्ञान के पांच व कला के एक विषय के अनुसार रोस्टर बनाकर शिक्षकों को कार्य पर लगाये जाने का निर्देश दिया गया था. लेकिन विभागीय निर्देश के बाद भी अब तक इसकी प्रक्रिया शुरू तक नहीं की गयी है.
जबकि विभाग द्वारा कहा गया कि प्लस टू विद्यालयों में शिक्षक नियोजन होने तक स्वीकृत एवं रिक्त पदों के लिए अतिथि शिक्षक की सेवा निर्धारित पारिश्रमिक पर ली जा सकती है. इसके लिए राज्य के बेरोजगार युवक व युवतियों जो संबंधित विषय से स्नातकोत्तर एवं बीएड प्रशिक्षित हैं. उन्हें अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य कराया जा सकता है. विभाग द्वारा अंग्रेजी, गणित, रसायन शास्त्र, भौतिकी, प्राणी शास्त्र एवं वनस्पति शास्त्र के अतिथि शिक्षकों की बहाली का निर्देश दिया गया था. इनके लिए प्रति कार्य दिवस एक हजार की राशि तय की गयी है. विभागीय शिथिलता के कारण अभी तक इस पर कोई प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकी है.
जिले में 55 प्लस टू विद्यालय हैं उत्क्रमित: जिले के 55 उच्च विद्यालयों को प्लस टू विद्यालय में उत्क्रमित किया गया है. जिनमें किसी भी नये शिक्षक का नियोजन नहीं किया गया है. विभागीय निर्देश को देखते हुए सभी विद्यालयों में कुल 330 अतिथि शिक्षकों से कार्य लिया जाना है. लेकिन विभागीय शिथिलता के कारण न तो अतिथि शिक्षक से कार्य लिया जा रहा है न ही इनकी प्रक्रिया अब तक शुरू हो पायी है. माध्यमिक स्तर के शिक्षक से ही इन सभी उत्क्रमित विद्यालयों में पढ़ाई का कार्य लिया जा रहा है. जिससे बच्चों का भविष्य अंधकार में दिखता है.
कहते हैं जिला शिक्षा पदाधिकारी: इस बाबत पूछे जाने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि विभाग द्वारा प्लस टू विद्यालयों में रिक्ति के आधार पर अतिथि शिक्षकों को बहाल किये जाने का निर्देश दिया गया है. कार्यालय द्वारा रिक्तियों के अनुसार विद्यालयवार रोस्टर बनाने का कार्य किया जाना है. जबकि अतिथि शिक्षकों की बहाली एडहॉक कमेटी द्वारा की जायेगी. उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देश में स्वीकृत पदों पर बहाल किया जाना है. जबकि इन सभी 55 प्लस टू विद्यालयों में 60 पद ही स्वीकृत हैं. जिनमें 48 पदों पर नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. ऐसे में मात्र 12 पद अतिथि शिक्षकों के लिए बचते हैं. इस उहापोह की स्थिति में अतिथि शिक्षकों के बहाली का कार्य नहीं हो पाया है. उन्होंने बताया कि उत्क्रमित प्लस टू विद्यालयों में कमेटी का गठन भी किया जाना है, इसके लिए प्रक्रिया की जा रही है.
किसी उत्क्रमित प्लस टू विद्यालय में नहीं है कमेटी
जिले के उत्क्रमित सभी प्लस टू 55 विद्यालयों में कमेटी का गठन नहीं किया गया है. जबकि अतिथि शिक्षकों की बहाली कमेटी द्वारा की जानी है. विभागीय निर्देश के आलोक में स्थानीय विधायक कमेटी के अध्यक्ष एवं विद्यालय प्रधानाचार्य कमेटी के पदेन सचिव होते हैं. इन दोनों के द्वारा एक सरकारी सदस्य का मनोनयन एवं इन तीनों सदस्यों द्वारा चौथे सदस्य का चयन, चारों सदस्यों द्वारा पांचवें सदस्य का चयन, पांच सदस्यों द्वारा छठे सदस्य का चयन एवं सभी छह सदस्यों द्वारा सातवें वरीयता शिक्षक का चयन किया जाता है. इन चयन कमेटी द्वारा रोस्टर के आधार पर अतिथि शिक्षकों की बहाली की जानी है. जबकि कमेटी के गठन तक की प्रक्रिया शुरू तक नहीं हुई है.
55 विद्यालयों में सिर्फ 48 नियोजित शिक्षक
विभाग द्वारा जिले के 55 उच्च विद्यालय को उत्क्रमित किया गया. जिनमें मात्र 48 नियोजित शिक्षकों की बहाली स्वीकृत पद पर की गयी है. शेष लगभग दो सौ 75 पद अभी भी खाली हैं. जिन पर नियोजन होना है. नियोजन होने से पूर्व विभागीय निर्देश के आलोक में अतिथि शिक्षकों से कार्य लिया जाना है. अतिथि शिक्षकों को प्रति कार्य दिवस एक हजार रुपये दिये जाने का प्रावधान विभाग द्वारा किया गया है. जबकि अधिकतम राशि 25 हजार से अधिक नहीं होने की बात कही गयी है.
इन पदों के लिए अभ्यर्थियों द्वारा जिला शिक्षा कार्यालय का चक्कर लगाया जा रहा है कि कब इन अतिथि शिक्षकों के पदों पर बहाली की प्रक्रिया की जायेगी. विभाग द्वारा इन पदों के लिए स्नातकोत्तर 50 प्रतिशत अंक के साथ बीएड की शिक्षा होना आवश्यक है. इनकी अनुपलब्धता पर बीटेक एवं एमटेक के अभ्यर्थियों को भी लिया जा सकता है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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