बेटों के इलाज के लिए नहीं हैं पैसे, चािहए मदद

Updated at : 08 Oct 2017 3:10 AM (IST)
विज्ञापन
बेटों के इलाज के लिए नहीं हैं पैसे, चािहए मदद

सिमरी : सहरसा-मानसी रेलखंड के बाबा रघुनी हॉल्ट पर ट्रेन की चपेट में आने से हुई मां-बेटी की मौत के बाद बख्तियारपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया. हालांकि पोस्टमार्टम के बाद सिमरी पहुंचा शव पैसे के अभाव में घंटों घर के बरामदे पर पड़ा रहा. […]

विज्ञापन

सिमरी : सहरसा-मानसी रेलखंड के बाबा रघुनी हॉल्ट पर ट्रेन की चपेट में आने से हुई मां-बेटी की मौत के बाद बख्तियारपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया. हालांकि पोस्टमार्टम के बाद सिमरी पहुंचा शव पैसे के अभाव में घंटों घर के बरामदे पर पड़ा रहा. मृतक की सास बुधनी देवी ने बताया कि साहेब, हम बहुत गरीब हैं.

अंतिम संस्कार तक का पैसा नहीं है. जैसे-तैसे जिंदगी काट रहे हैं. बुधनी देवी ने कहा कि मुखिया जी से शव के अंतिम संस्कार के लिए मदद मांगी पर कुछ भी नहीं मिला. इधर घटना में बचे और सहरसा में इलाजरत सिमरी निवासी सनोज राम के दो बच्चे आशिक और राहुल की भी स्थिति चिंताजनक है. दोनों बच्चों को घटना के बाद सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.

जहां बच्चे की स्थिति गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया. इसके बाद परिजन दोनों बच्चे को लेकर एक निजी नर्सिंग होम पहुंचे. जहां बच्चों का इलाज तो शुरू हुआ लेकिन अस्पताल के खर्च को दे पाने में बच्चों के पिता असक्षम साबित हो रहे हैं.

सनोज राम ने रुंधे गले से बताया कि कुछ नहीं है. कैसे बच्चों का बचाये. नर्सिंग होम पैसे मांग रहा है कहां से दें. सनोज राम ने बताया कि जनप्रतिनिधि से उम्मीद है, मदद करें और हमारे दो नन्हे – मुन्ने की जिंदगी वापस करवा दें. वहीं सिमरी पंचायत के मुखिया ने बताया कि पुराने पंचायत सचिव ने अभी कबीर अंत्येष्टि का चार्ज नये पंचायत सचिव को नहीं दिया है. मुखिया ने कहा कि हम मृतक के परिजनों से मिलकर जल्द ही अंत्येष्टि योजना से मदद करेंगे. इधर घटना के बाद से मृतका गुंजन देवी के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. मृतका की सास डबडबाती आंखों से बताती है कि लाखों में एक थी मेरी पोती रौशनी. पढ़ाई से लेकर हर चीज में अव्वल. रौशनी घर की लाडली थी. वहीं मेरी बहु भी संस्कारपूर्ण थी और घर के हर काम में मेरी मदद करती थी. घटना के बाद मृतका के ससुर और पति का भी रो-रो कर बुरा हाल है. वहीं घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है.
ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटी की हो गयी मौत
पैसे के अभाव में घंटों घर के बरामदे पर पड़ा रहा मां-बेटी का शव
मुखिया बना संवेदनहीन, परिजनों के लाख मिन्नत के बाद नहीं दिये अब तक कबीर अंत्येष्टि योजना के पैसे
दुर्घटना में घायल दो बच्चों के इलाज के लिए नहीं हैं पैसे, पिता ने की मदद की अपील
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन