लालू को फंसा रहे नीतीश : उपेंद्र

Published at :10 Jul 2017 5:22 AM (IST)
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लालू को फंसा रहे नीतीश : उपेंद्र

सीबीआइ को लालू के खिलाफ मुहैया करा रहे सबूत केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने लगाये लालू-नीतीश पर आरोप नीतीश के साथ किसी भी कीमत पर नहीं जायेगी रालोसपा सहरसा : लालू प्रसाद यादव व उनके परिवार पर सीबीआइ द्वारा की जा रही जांच के पीछे का मास्टरमाइंड बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं […]

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सीबीआइ को लालू के खिलाफ मुहैया करा रहे सबूत

केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने लगाये लालू-नीतीश पर आरोप
नीतीश के साथ किसी भी कीमत पर नहीं जायेगी रालोसपा
सहरसा : लालू प्रसाद यादव व उनके परिवार पर सीबीआइ द्वारा की जा रही जांच के पीछे का मास्टरमाइंड बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं और इस बात का पता लालू व उनके परिवार वालों को भी है. सीबीआइ एक स्वतंत्र संस्था है, उसे जिसके खिलाफ सबूत मिलेगा, कार्रवाई करेगी. यहां भी यही हो रहा है. नीतीश कुमार ही सीबीआइ को सारा मेटेरियल उपलब्ध करा रहे हैं. लालू को सब पता है. लेकिन राजनीतिक कारणों से वह इसके लिए भाजपा या एनडीए पर आरोप लगा रहे हैं.
जबकि ऐसा कुछ नहीं है. रविवार को स्थानीय परिसदन में केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ही वह आदमी हैं, जिन्होंने लालू यादव के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभायी थी. वह नैतिकता की भी खूब बातें करते हैं फिर उपमुख्यमंत्री के मामले में उनकी नैतिकता कहां है. नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने के बाबत पूछे जाने पर श्री कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार अब जिस नाव पर बैठेंगे, उसका डूबना तय है. अब वे 12 वर्ष पहले वाले नीतीश कुमार नहीं हैं. पिछले 12 वर्षों में उन्होंने बिहार की शिक्षा, स्वास्थ्य व अर्थव्यवस्था को रसातल पहुंचा दिया है.
जनता उन्हें पहचान चुकी है. एनडीए अपने बूते बिहार में सरकार बनायेगी.
बिहार में बेपटरी है शिक्षा: मंत्री ने कहा कि शिक्षा के मामले में बिहार की स्थिति बेहद दुखदायी है. एक तो बार-बार कहने के बावजूद राज्य सरकार शिक्षकों की बहाली नहीं कर रही, और जो हैं भी, उन्हें भी दूसरे कामों में लगा दिया जाता है. जबकि आरटी एक्ट ऐसा नहीं कहता, अगर मास्टर ठेकेदारी करेंगे तो जाहिर ऐसे में बच्चों को क्या पढ़ा पायेंगे. एमडीएम में शिक्षकों के शामिल होने से भी पढ़ाई प्रभावित होती है. कई राज्यों में एनजीओ को यह काम दिया गया है. लेकिन बिहार में शिक्षकों को. बिहार की शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर गयी है. जिसे पटरी पर लाने के लिए रालोसपा द्वारा 25 सूत्री मांगों को लेकर राज्य सरकार से शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग की जायेगी. मौके पर प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी, पूर्व मंत्री सह उपाध्यक्ष दशई चौधरी, हजरत मल्लिक,
मालती कुशवाहा, अरूण कुशवाहा, सत्यानंद प्रसाद दानी, रामचंद्र ठाकुर, हिमांशु पटेल, इमरान खैरी, अमरजीत यादव, जिलाध्यक्ष चंदन बागची, नीला पटेल सहित अन्य मौजूद थे.
केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री श्री कुशवाहा ने नवोदय व केंद्रीय विद्यालय में शिक्षकों की कमी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि केंद्र इस मामले में पूरी तरह गंभीर है और तीन महीने के अंदर इन दोनों विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरा विभाग शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार में लगा है. आरटीइ एक्ट बहुत पहले बना, लेकिन अब से पहले किसी सरकार ने इसे लागू नहीं किया, हमने किया. इसके तहत किस वर्ग के बच्चे ने अपने पाठ्य पुस्तकों में कितनी पढ़ाई की, इसकी समीक्षा होगी. शिक्षकों ने कैसा पढ़ाया, इसकी व स्कूल की समीक्षा की जायेगी. इसकी पूरी जानकारी बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों को दी जायेगी.
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