Bihar News: इस जाति के लोग कभी कहलाते थे राजा, अब मजदूर भी नहीं रहे, मांग रहे मदद
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 23 Feb 2025 7:07 PM
प्रतीकात्मक फोटो
Bihar News: बिहार के रोहतास जिले में रहने वाले एक जाति के लोगों को मदद की दरकार है. कुछ नियमों की वजह से वो अपना काम नहीं कर पा रहे हैं. इस कारण वो बहुत संघर्ष कर रहे हैं.
Bihar News, डॉ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, रोहतास: रोहतास जिले में पहाड़ बंद होने से कोल जाति की स्थिति दयनीय हो गई है. जिससे अब वे लोग धीरे-धीरे पलायन कर रहे हैं. पहाड़ों के बंद होने से उनके रोजगार के अवसर समाप्त हो गए हैं, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है. मजबूरी के कारण लोग पलायन कर रहे हैं. कोल जाति के लोग मुख्य रूप से पहाड़ों में रहते हैं और वहीं से अपनी आजीविका कमाते हैं.
आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पा रहे
कोल जाति के लोग पत्थर तोड़ने जंगलों से लकड़ी, जड़ी-बूटियाँ और अन्य वन उत्पाद इकट्ठा करते हैं और उन्हें बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं. इन्हें पहाड़ का राजा कहा जाता था. इस जाति के लोग काफी संपन्न हुआ करते थे. लेकिन, पहाड़ों के बंद होने से वो अपना काम नहीं कर पा रहे हैं. इस वजह से कोल जाति के लोगों के सामने भोजन, पानी और आवास की भी समस्या उत्पन्न हो गई है. आर्थिक रूप से कमजोर होने से कोल जाती के लोग अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा कर नहीं पाते.
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सरकार से लगा रहे मदद की गुहार
कोल जाति के लोग सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है. कोल जाति के लोगों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि सरकार को कोल जाति के लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना चाहिए. कोल जाति के लोगों की मांग पर सरकार को ध्यान देना चाहिए और उन्हें राहत प्रदान करनी चाहिए.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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