घर से कूड़ा लेने की योजना फेल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Oct 2016 5:14 AM (IST)
विज्ञापन

अनदेखी. जुलाई में सफाई के मुद्दे पर हुई थी बैठक, पर निर्णय कागजों में सासाराम कार्यालय : पिछले जून माह में नगर पर्षद में मुख्य पार्षद बदल गयी़ नया नेतृत्व बनने के बाद ताबड़तोड़ बोर्ड की बैठकें हुईं. इनमें एक बैठक जुलाई में सिर्फ सफाई के मुद्दे पर हुई थी. बैठक में सभी वार्डों से […]
विज्ञापन
अनदेखी. जुलाई में सफाई के मुद्दे पर हुई थी बैठक, पर निर्णय कागजों में
सासाराम कार्यालय : पिछले जून माह में नगर पर्षद में मुख्य पार्षद बदल गयी़ नया नेतृत्व बनने के बाद ताबड़तोड़ बोर्ड की बैठकें हुईं. इनमें एक बैठक जुलाई में सिर्फ सफाई के मुद्दे पर हुई थी. बैठक में सभी वार्डों से कचरा उठाने व डोर टू डोर कचरा मांगने, सीटी बजा लोगों को कूड़े के प्रति जागरूक करने, पॉलीथिन की बिक्री व उपयोग पर प्रतिबंध लगाने सहित कई निर्णय लिये गये थे.
इस निर्णय पर नगर पर्षद के कर्ताधर्ता फुले नहीं समा रहे थे कि अब शहर चकाचक हो जायेगा. उत्साह में कचरा फैलानेवालों से जुर्मान तक वसूलने की बात हुई थी. निर्णय के करीब डेढ़ माह बाद नगर पर्षद ने मुनादी करवायी कि कचरा पेटी नहीं रखने व कचरा फैलानेवालों से जुर्माना वसूला जायेगा.
एक-दो दिन कुछ ठेलावालों से शायद जुर्माना वसूला भी गया है. लेकिन, बाद के दिनों में मामला ठंडा पड़ गया. अब दशहरा-मुहर्रम जैसे अति महत्वपूर्ण त्योहार एक साथ है. ऐसे में सफाई के लिए डस्टबीन की जरूरत ज्यादा महसूस की जा रही है.
50 से 500 रुपये तक जुर्माना: शहर में कचरा फैलाने पर जुर्माना 50 से 500 रुपये तक निर्धारित किया गया है. सवाल वही है, जुमार्ना वसूल कैसे होगा. नप के अधिकारी व कर्मचारी गाहे-बगाहे भी जांच करते तो, कुछ बात बनती. लेकिन, यहां माजरा ही अलग है. दूर की बात तो दूर, नप अपने कार्यालय के सामने के फुटपाथियों पर नकेल कसने में फिसड्डी है.
इसका नतीजा है कि इस समय पुरानी जीटी रोड के दोनों के दुकानों के सामने भारी मात्रा में कचरा जमा हो जा रहे हैं. शायद ही कोई एक दुकानदार डस्टबीन रखा है. लगभग कचरा फेंकने के लिए सड़क व फुटपाथ का इस्तेमाल कर रहे हैं.
नगर पर्षद ने शहर काे चकाचक करने के लिए लिये थे कई निर्णय
पोस्टऑफिस चौक के समीप फेंका गया कूड़ा.
चुनाव का करना है सामना
नगर पर्षद का चुनाव अगले वर्ष अप्रैल-मई में होनी है. यह चुनाव अधिकतर पार्षदों को बैकफुट पर ला दिया है. निर्णय तो हो गया, लेकिन, इसको लागू करने के मामले में अधिकतर पार्षद बगले झाकने लग रहे हैं. नप की मुख्य पार्षद नजमा बेगम ने कहा कि बोर्ड के निर्णयों का अनुपालन कराना इओ का काम है. अब तक जरूरत के अनुरूप कर्मचारी नहीं रखे जा सके हैं. ऐसे में निर्णयों पर असर तो पड़ेगा. उधर, नप इओ मनीष कुमार ने कहा कि निर्णय का अनुपालन करने के की कोशिश की जा रही है. डस्टबीन नहीं रखने वालों से जुर्माना वसूला गया है. आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
भभकी भर रह गया पॉलीथिन पर प्रतिबंध
नालों के जाम होने में सबसे प्रमुख कारक पॉलीथिन हैं. नालों की सफाई में हर साल नप दस लाख से अधिक खर्च कर देती है. बीच-बीच में भी सफाई कार्य चलता रहा है. इस प्रमुख कारण को रोकने के लिए नप ने गत दिनों बजाप्ता लाउडस्पीकर से एलान करवायी. एलान करवाने पर भी खरचा. लेकिन, परिणाम वहीं ढाक के तीन पात. पॉलीथिन की बिक्री व उपयोग इस त्योहार के मौसम में और बढ़ गया है. लेकिन, नप के कर्ताधर्ताओं को कान पर जू नहीं रेंग रहा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










