काम के बोझ के कारण साहब ने की आत्महत्या
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 Aug 2016 9:04 AM (IST)
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चालक को आरोप लगाना पड़ा महंगा, जाना पड़ा जेल सासाराम (नगर) : आत्महत्या करनेवाले डीएसओ अविनाश कुमार के निजी चालक सुधीर राय का बड़बोलापन उसी पर भारी पड़ गया. उसने डीएसओ की आत्महत्या के पीछे प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहराया था. जानकारी के अनुसार, रविवार रात लगभग 12 बजे चालक डीएसओ के सरकारी आवास र्क्वाटर […]
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चालक को आरोप लगाना पड़ा महंगा, जाना पड़ा जेल
सासाराम (नगर) : आत्महत्या करनेवाले डीएसओ अविनाश कुमार के निजी चालक सुधीर राय का बड़बोलापन उसी पर भारी पड़ गया. उसने डीएसओ की आत्महत्या के पीछे प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहराया था. जानकारी के अनुसार, रविवार रात लगभग 12 बजे चालक डीएसओ के सरकारी आवास र्क्वाटर नंबर-पांच पहुंचा था. वहां शव को देखते ही डीएम, एसपी व अन्य बड़े अधिकारियों की तरफ मुखातिब हो तपाक से बोला साहब पर आप लोग कितना बोझ दे दिये थेे कि उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी. आप लोग नहीं जानते थे कि साहब बीमार रहते थे.
निजी चालक के ये अल्फाज सुनते ही प्रशासन का रडार सक्रिय हो गया. पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने चालक से पूछताछ शुरू कर दी. तुम कौन? तुमको घटना की जानकारी कैसे हुई?
इतनी रात को तुम कहां से आ रहे हो आदि आदि सवाल होने लगे. चालक ने जवाब दिया मेम साहब (डीएसओ की पत्नी बेबी देवी) ने उसके मोबाइल पर फोन किया था. मेम साहब ने ही कहा कि जाकर देखो, साहब की तबीयत खराब है. मैं गौरक्षणी पर किराये के मकान में रहता हूं. पहले सदर अस्पताल गया था. वहां पता नहीं चला तो डेरा पर आया.
इधर, जिले के एक बड़े साहब का इशारा हुआ. पुलिस के बड़े अधिकारी ने अपने सुरक्षाकर्मी से कहा पकड़ लो. सोमवार की अहले सुबह डीएसओ अविनाश कुमार की पत्नी बेबी देवी, भाभी कविता देवी, छोटे भाई संजय कुमार उर्फ मुन्ना ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचे. संजय की नजर चालक पर पड़ी, तो बोले कि ये यहां क्या कर रहा है. इसी के चलते उनके भाई ने आत्महत्या की है. वह उनकी भाभी से अक्सर बात करता था. भइया के मना करने पर भी नहीं मानता था. अभी दो वर्ष पहले इसको हटा दिये थे. इसके बाद भी भाभी के संपर्क में था. इस घटना का कारण यही है.
इसी बयान पर मॉडल थाने में चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई. मंगलवार को उसे न्यायिक हिरासत मे जेल भेज दिया गया. हालांकि, चालक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मेम साहब से उसकी बात होती थी. उनके यहां बहुत दिनों तक काम किया है. इससे पारिवारिक संबंध हो गया है. बात करना क्या गुनाह है.
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