गेहूं की खरीद के लिए एसएफसी तैयार, सहकारिता विभाग सुस्त
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Apr 2019 7:21 AM (IST)
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सासाराम : गेहूं खरीद के लिए एसएफसी तैयार है, लेकिन सहकारिता विभाग ही अभी सुस्त पड़ा हुआ है. गेहूं खरीद की निर्धारित तिथि एक अप्रैल से 30 जून तक तय की गयी है. उसके 22 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक गेहूं खरीद की कोई सुगबुगाहट सहकारिता विभाग में नहीं दिख रही है. […]
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सासाराम : गेहूं खरीद के लिए एसएफसी तैयार है, लेकिन सहकारिता विभाग ही अभी सुस्त पड़ा हुआ है. गेहूं खरीद की निर्धारित तिथि एक अप्रैल से 30 जून तक तय की गयी है. उसके 22 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक गेहूं खरीद की कोई सुगबुगाहट सहकारिता विभाग में नहीं दिख रही है.
गेहूं खरीद के लिए सहकारिता विभाग करीब एक माह से तैयारी कर रहा है, लेकिन अब तक तैयारी पूरी नहीं हो सकी है. क्या ऐसा मामला, तो नहीं कि केवल खरीद के नाम पर खानापूर्ति में विभाग लगा है.
गेहूं खरीद का समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. लेकिन जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य क्यों नहीं निर्धारित किया गया है. यह भी एक बड़ा सवाल उठता है कि समर्थन मूल्य केवल किसानों को अाश्वासन के लिए तय किया गया है, या सही में धरातल पर दिखेगा. इसका अंदाजा अभी विभाग को भी नहीं है.
खलिहान में आते ही कम हो गया गेहूं का भाव
समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद शुरू नहीं होने से किसानों की चिता बढ़ गयी है. किसानों के गेहूं खलिहान में आते ही बाजार भाव ने नीचे डुबकी लगा दी है. व्यापारियों के हाथ किसान गेहूं को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं. सरकारी क्रय एजेंसी अब तक गेहूं खरीद पर मौन साधे हुए है.
किसान महासंघ के संस्थापक रामाशंकर सरकार, कामेश्वर सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि एक सप्ताह पहले तक गेहूं 1900 रुपये से लेकर दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था. लेकिन, फसल की कटाई कर जब अनाज खलिहान में पहुंच गया है, तो एकाएक भाव गिर कर महज 1550 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है.
ऐसे में किसानों के लिए गेहूं की खेती काफी घाटे का सौदा साबित होने वाली है. लगता है इस साल भी गेहूं की सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों को बिचौलियों के हाथों ही निर्धारित सरकारी दर से काफी कम दर पर गेहूं बेचने को मजबूर हो रहे है.
कई किसान तो घाटा सह कर बेचने भी लगे हैं. अधिकतर किसान सरकारी खरीद की आस में खलिहान में भंडारण कर टकटकी लगाए हुए हैं, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से पैसे की जरूरत पड़ने पर उन्हें मजबूरन औने पौने दामों पर अपना गेहूं बिचौलियों को बेचना भी पड़ रहा है.
अब तक लक्ष्य निर्धारित नहीं
इस संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रभाकर कुमार ने बताया कि अब तक लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है. लक्ष्य आते ही गेहूं की खरीद शुरू कर दी जायेगी. एसएफसी डीएम सुधीर कुमार ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए एसएफसी फंड व बोरा से तैयार है. इस संदर्भ में जिला सहकारिता पदाधिकारी को बात कर गेहूं खरीद की स्थिति स्पष्ट होगी.
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