पप्पू का बड़ा सियासी बयान, कहा- जदयू का भाजपा में विलय ही नीतीश का एक मात्र राजनीतिक रास्ता

Updated at : 30 Oct 2017 6:53 PM (IST)
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पप्पू का बड़ा सियासी बयान, कहा- जदयू का भाजपा में विलय ही नीतीश का एक मात्र राजनीतिक रास्ता

रोहतास : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास जदयू को भाजपा में विलय कराने के अलावे अब और कोई राजनीतिक रास्ता नहीं बचा है. इसलिए वह शराब बंदी, बाल विवाह व दहेज कुप्रथा की अपने लिए मार्केटिंग कर रहे हैं. शराब का आधा राजस्व पड़ोसी राज्यों में जा रहा है, तो आधा अधिकारियों व नेताओं के […]

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रोहतास : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास जदयू को भाजपा में विलय कराने के अलावे अब और कोई राजनीतिक रास्ता नहीं बचा है. इसलिए वह शराब बंदी, बाल विवाह व दहेज कुप्रथा की अपने लिए मार्केटिंग कर रहे हैं. शराब का आधा राजस्व पड़ोसी राज्यों में जा रहा है, तो आधा अधिकारियों व नेताओं के यहां, जिससे 2020 के चुनाव की तैयारी की जा रही है. उक्त बातें जन अधिकार पार्टी के संयोजक व सांसद पप्पू यादव ने दनवार गांव में जहरीली शराब से मृत लोगों के परिवारों से मिलने के बाद जिला परिसदन में आयोजित प्रेसवार्ता में कहीं. उन्होंने कहा कि शराब बंदी पर नीतीश ने कहा था कि शराब मिलने पर संबंधित थाना के साथ एसपी और डीएम के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी. लेकिन हर रोज शराब पकड़ी जा रही है व शराबी पकड़े जा रहे हैं. मौतें भी हुईं. कार्रवाई के नाम पर दबाव में थाना के कर्मचारियों पर तो कार्रवाई हुई, लेकिन एक भी एसपी-डीएम पर नजर तक नहीं डाली. अब तो हर घर तक शराब पहुंच रही है, जिसका नतीजा दनवार जैसा कांड है.

क्षेत्र में शराब बिकने के लिए क्या एमपी-एमएलए जिम्मेवार नहीं ?

श्री यादव ने कहा कि राज्य भर में बड़ी संख्या में शराब पकड़ी गयी. पकड़ी गयी शराब की बोतलें कहां हैं? क्षेत्र में शराब बिकने के लिए क्या एमपी-एमएलए जिम्मेदार नहीं हैं? अगर सूबे में शराब पकड़ी जाती है, तो क्या नीतीश कुमार जिम्मेदार नहीं हैं? वह तो कहेंगे कि सरकार के संरक्षण में शराब बिक रही है. उन्होंने दहेज व बाल विवाह पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों के लिए पहले से कानून है. नीतीश ने कौन सा नया कानून लाया है? जब सब वही है, तो फिर इसकी मार्केटिंग क्यों की जा रही है? कहते हैं कि लड़की वाले लिखकर दे कि दहेज नहीं दिया गया. ऐसे में तो बाद में कुछ होने पर लड़की वाले एक मुकदमा भी लड़के वालों पर नहीं कर सकते. यह सही नहीं है. जागरूकता के लिए काम होना चाहिए. अपनी मार्केटिंग के लिए नहीं.

गरीबी के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार राजनीतिज्ञ

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पक्ष-विपक्ष दोनों बाबाओं के आडंबर को बढ़ावा दे रहे हैं. उन्होंने राजनीतिज्ञों पर नक्सलियों को हथियार पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबी के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार राजनीतिज्ञ हैं. अब राजनीतिज्ञों के विरुद्ध धर्म युद्ध होना चाहिए. क्योंकि वे ईमानदारी से काम नहीं कर रहे हैं. हर तरफ बेरोजगारी व भूख बढ़ती जा रही है. मैं आगामी 24 नवंबर से इमामगंज से बाइक यात्रा शुरू करूंगा. मगध व शाहाबाद की पंचायतों का दौरा कर नक्सली के नाम पर मारे गये लोगों के परिजनों को रोजगार के लिए 25-25 हजार रुपये दिया जायेगा, ताकि वे मुख्य धारा से जुड़ सकें. मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखलाक अहमद, प्रदेश नेता लाल साहेब सिंह, रामाधीन भारती, सलामत अंसारी आदि मौजूद थे.

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