शहर में सरकारी भूमि की मची लूट!
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :07 Sep 2017 11:27 AM (IST)
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शहर में आधा दर्जन ऐसे जगह हैं जहां मुकम्मल बस्ती अाबाद सासाराम नगर : शहर में सरकारी भूमि की लूट मची है. दर्जनों जगहों पर लोग सरकारी भूमि पर घर बना लिए है. कई जगह तो वर्षों से बस्ती अाबाद है. हैरत की बात है कि अवैध बस्ती में रहनेवाले भी सरकारी योजनाओं का लाभ […]
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शहर में आधा दर्जन ऐसे जगह हैं जहां मुकम्मल बस्ती अाबाद
सासाराम नगर : शहर में सरकारी भूमि की लूट मची है. दर्जनों जगहों पर लोग सरकारी भूमि पर घर बना लिए है. कई जगह तो वर्षों से बस्ती अाबाद है. हैरत की बात है कि अवैध बस्ती में रहनेवाले भी सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे है. यह सब प्रशासन कि अनदेखी के कारण हो रहा है.
शुरुआत में ही इसे रोका जाता तो स्थिति नहीं बिगड़ती. किसी निर्माण के लिए उस जमीन कि जब प्रशासन को जरूरत पड़ेगी, तब प्रशासन को उन्हें हटाना अासान नहीं होगा और ऐसा हुआ भी है. इसी वर्ष 28 मई को शहर से सटे मिश्रीपुर स्थित सरकारी भूमि पर बने मकान को हटाने में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा. अतिक्रमणकारी पुलिस पर पथराव किये. इसमें एक दर्जन पुलिस कर्मी घायल हो गये और दो अर्थमूवर को भीड़ द्वारा जला दिया गया. एक मकान को हटवाने में प्रशासन की कितनी फजीहत हुई. यहां तो आधा दर्जन शहर में ऐसे जगह है जहां मुकम्मल बस्ती अाबाद है.
अवैध तरीके से इनलेट नहर किनारे बसी बस्ती
डीएम अावास से महज पांच सौ मीटर दूरी पर इनलेट नहर के किनारे वर्षों से एक बस्ती अवैध तरीके से बसी है. इस बस्तीवालों कि अपनी जमीन भी है. जहां यह मकान बनाकर रह सकते है. सक्षम भी है. इसके बाद भी यहां जमे है. इस बस्ती का गंदा पानी शौच, कचरा सब इनलेट नहर में जाता है और यहीं गंदगी मकबरा तालाब में गिरता है.
इस लिहाज से भी इस बस्ती को हटाना निहायत जरूरी है. इसी तरह बेदा नहर पूल के समीप सिचाई विभाग कार्यालय के पीछे दर्जनो झोंपड़ी बनी है.
यहां भी मुकम्मल रूप से बस्ती स्थापित है. कभी प्रशासन इनकी गतिविधियों की टोह नहीं लेती. तकिया कॉलेज के समीप रेलवे लाइन के किनारे बस्ती बसा है. रेलवे स्टेशन के समीप मंहद्दीगंज में पुरानी स्टेडियम के सामने, मालगोदाम के पीछे चुना भट्टा बोलिया, बौलिया मोड़, सागर चौक, चलनिया, शहजलाल पीर, तकिया मकबरा स्थित आदि जगहों पर पूर्ण रूप से बस्ती अाबाद है. इन बस्तीवालों को राशन कार्ड, लाल कार्ड, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन आदि का लाभ मिल रहा है. वोट के ठेकेदारों द्वारा इन्हें सभी सुविधाएं दिलायी गयी है. कई बस्ती ऐसे है जहां विधायक फंड से चापाकल भी लगाया गया है. इससे ज्यादा प्रशासन कि क्या लापरवाही हो सकती है.
अधिकारी तो अपने यहां नौकरी करने आते है. अपना टर्म पूरा कर दूसरे जगह चले जाते है. अधिकारियों को आपके शहर कि समस्या से क्या लेना-देना है. इसके लिए जन प्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए. खास कर नगर पर्षद से जुड़े जनप्रतिनिधियों को. लेकिन इनके साथ भी वोट बैंक कि परेशानी है. इन लोगों को डर है कि सख्ती करने से वोटर दूसरे पाले में चले जायेंगे.
मोहम्मद सुहैल, सागर मुहल्ला
बिडंबना है कि नगर पर्षद व प्रशासन को पता ही नहीं है कि कहां-कहां उसकी जमीन खाली पड़ी है और किस हाल में है. यहां तो सरकारी जमीन की लूट मची है. जिसको जहां मर्जी कब्जा जमा लेता है. प्रशासन चुपचाप तमाशा देखती रहती है. प्रशासन को लगता है चलो खाली है जब उस जमीन कि जरूरत पड़ेगी. डंडे को जोर से हटा दिया जायेगा. ऐसा कब तक चलेगा. प्रशासन शुरू में ही रोके, नहीं तो पटना जैसी स्थिति होना बड़ी बात नहीं है.
मंगल कुशवाहा, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण होना प्रशासन की लापरवाही है. शहर में इतनी सरकारी भूमि है कि किसी नव निर्माण के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं करना पड़ेगा. कभी पार्क के लिए जमीन खोजा जाता है. तो कभी बस पड़ाव के लिए. शहर में कई शिक्षण प्रतिष्ठान बनाने कि योजना है. उस समय जमीन की खोज होगी. अतिक्रमण हटाने कि कार्रवाई होगी, उस दौरान शांति व्यवस्था चुनौति बनेगा यह नौबत न आये.
महरानी सुनिता गंधा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य
सरकारी भूमि का लोगों द्वारा अतिक्रमण करना समाज में चलन हो गया है. जिसकी जहां व जब मर्जी करता है, कब्जा जमा लेते है. कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है. शहर में कई ऐसे सार्वजनिक भूमि है, जहां अतिक्रमण होने से हजारों लोग प्रभावित हुए है.कही जल निकासी बंद है, तो कहीं रास्ता ही खत्म हो गया है. प्रशासन को जब जरूरत पड़ती तब अपना जमीन ढूढ़ती है. जहां जोर जबरदस्ती करने से शांति व्यवस्था प्रभावित होता है.
रामअशिष सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता
हर जगह से हटेगा अतिक्रमण
शहर में जहां कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है उसे हटाया जायेगा. इसके लिए बहुत जल्द बोर्ड कि बैठक में एक प्रस्ताव लाया जायेगा. किसी तरह के भेद-भाव नहीं होगी. सरकारी भूमि पर बसे लोग स्वयं जगह खाली कर दें नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी.
कंचन देवी, मुख्य पार्षद, नगर पर्षद
दूर्गापूजा के बाद शुरू होगी कार्रवाई
शहर में जहां कहीं भी अतिक्रमण है, दूर्गापूजा बाद कार्रवाई शुरू होगी. इनलेट नहर किनारे कि बस्ती हटाया जायेगा. इनलेट नहर का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है. उक्त जगह पर पार्क का निर्माण होना है. इसके साथ जहां भी अतिक्रमण है उसके विरुद्ध अभियान चलाया जायेगा.
हाशिम खां, डीडीसी, रोहतास
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