PHOTOS: कुदरत का तोहफा है मुंगेर का ऋषिकुंड, तस्वीरों में देखें मलमास मेले में आपके लिए क्या है खास..

Updated at : 04 Aug 2023 2:39 PM (IST)
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PHOTOS: कुदरत का तोहफा है मुंगेर का ऋषिकुंड, तस्वीरों में देखें मलमास मेले में आपके लिए क्या है खास..

मुंगेर के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत ऋषिकुंड कुदरत का उपहार है. यहां का मलमास मेला काफी प्रसिद्ध है. आपके लिए इस मेले में क्या खास है और किस तरह आप ऋषिकुंड पहुंच सकते हैं. साथ ही इसके महत्व की भी जानकारी यहां तस्वीरों के माध्यम से जानिए..

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मुंगेर जिला के बरियारपुर प्रखंड में स्थित ऋषि कुंड पयर्टकों को अपनी ओर काफी ज्यादा लुभाता है. हरियाली की छटा बिखेरती ऋषि कुंड अपने गर्भ में रामायण काल की धर्म गाथा समेटे हुए तपो स्थल के रूप में मशहूर होने के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में भी पर्यटक को ऋषि कुंड आने के लिए मजबूर करती है.

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जिस स्थल पर रामायण काल में विभांडक ऋषि एवं श्रृंगी ऋषि जैसे महान मुनियों ने तप किया हो वह स्थल स्वयं पूजनीय हो जाता है. साथ ही साथ प्रत्येक 3 वर्ष पर मलमास मेला का आयोजन होते ही प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो जाता है. राजगीर के बाद ऋषिकुंड में ही मलमास मेला का आयोजन होता है जहां पर मलमास के दौरान रोजाना कई हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजा पाठ करने के लिए श्रद्धा के साथ आते हैं.

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प्रत्येक तीन वर्षों पर आयोजित होने वाला मलमास मेला 18 जुलाई से शुरू है जो 16 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु ऋषिकुंड की तपोभूमि का दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं.

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ऋषि कुंड में जितने भी गर्म जल के कुंड हैं, सभी कुंड में जल का तापमान अलग-अलग है. किसी कुंड में जल का तापमान काफी कम है. जिस पानी से कोई भी श्रद्धालु आराम से स्नान कर लेते हैं. इसके उलट जिस कुंड के जल का तापमान ज्यादा है उस जल से जाड़े में भी स्नान करने में जल का तापमान सहने में थोड़ी मुश्किल होती है. इसके बावजूद श्रद्धालुओं की ऋषि कुंड के प्रति इतनी ज्यादा श्रद्धा है कि ऋषि कुंड मलमास मेला में आने से अपने आप को रोक नहीं पाते हैं.

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मलमास मेला के दौरान कई प्रकार की दुकानें भी सजायी गयी है, जहां महिला, पुरुष एवं बच्चे अपने पसंदीदा समान, मिठाई व चाट का आनंद लेते हैं. इस दौरान श्रद्धालु यहां के प्राकृतिक छटाओं का आनंद भी उठा रहे हैं.

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ऋषि कुंड जाने के लिए रेल मार्ग ..

जमालपुर-सुल्तानगंज रेलखंड के बीच ऋषि कुंड रेल हॉल्ट से 6 किलोमीटर की दूरी तय कर ऋषि कुंड पहुंच सकते हैं. ऋषि कुंड हॉल्ट पर कई पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव भी होता है. ट्रेन से उतरने के बाद कई टोटो रिक्शा ऋषि कुंड जाने के लिए मिल जाता है. वैसे पूर्व में बरियारपुर मुंगेर राष्ट्रीय राजमार्ग 80 में काली स्थान के समीप से ही छोटी वाहन गाड़ी सीधे ऋषि कुंड का पहुंचाया करती थी परंतु ऋषि कुंड हॉल्ट के समीप रेल पुलिया की मरम्मत की हो रही है जिस कारण कालीस्थान से आप सीधे वाहन के द्वारा ऋषि कुंड नहीं जा सकते हैं.मुंगेर का ऋषिकुंड

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ऋषि कुंड में बहने वाले औषधि युक्त गर्म जल से अपने रोगों को दूर करने के लिए भी श्रद्धालु आते हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां के गर्म जल में नहाने से त्वचा रोग की समस्या भी खत्म हो जाती है. यहां जितने भी छोटे-छोटे कुंड हैं सभी कुंड के जल का तापमान अलग-अलग है और यहां के गर्म जल में बना भोजन बहुत स्वादिष्ट होता है.

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सड़क मार्ग से ऋषि कुंड

बरियारपुर मुंगेर राष्ट्रीय राजमार्ग 80 में नौवागढ़ी मस्जिद मोड़ से पाटम गांव होते हुए 9 किलोमीटर की दूरी तय कर वाहन से ऋषि कुंड पहुंच सकते हैं.

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बरियारपुर खड़गपुर एनएच 333 मार्ग में बहादुरपुर शिवाला एवं लोहची बाजार से 11 किलोमीटर की दूरी तय कर वाहन से ऋषिकुंड पहुंच सकते हैं.

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ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

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