दुनिया में पूर्णिया की जिसने बनायी पहचान उन्हें भला यह कैसा सम्मान!
Published by : AKHILESH CHANDRA Updated At : 08 Oct 2025 5:32 PM
हिन्दी साहित्य
पूर्णिया. हिन्दी साहित्य की जिस शख्सियत ने दुनिया में पूर्णिया की पहचान बनायी उन्हें भला यह कैसा सम्मान ! यह सवाल अमर कथाशिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु के पुत्र दक्षिणेश्वर राय उर्फ पप्पू राय ने उठाया है. उन्होंने कहा है कि अगर सम्मान दे नहीं सकते तो अपमान का भी हक नहीं बनता. दरअसल, श्री राय ने लाइन बाजार स्थित पुराने रेणु उद्यान और आज के टीओपी परिसर में लगी रेणु जी की प्रतिमा को लेकर उठाया है. उन्होंने बताया कि वे लाइन बाजार में एक मरीज को देखने पूर्णिया आए थे और उत्सुकतावश अपने पिता और देश के जाने-माने साहित्यकार-उपन्यासकार फणीश्वरनाथ रेणु की प्रतिमा के दर्शन के लिए टीओपी परिसर में चले गये. मगर, वहां प्रतिमा के आसपास रस्सी के सहारे धूप में सूख रहे कपड़ों को देख कर दंग रह गये. श्री राय ने बताया कि पहले तो उन्होंने वहीं किसी अधिकारी से बात करनी चाही पर तत्काल जब कोई नहीं मिले तो पुलिस के वरीय अधिकारियों के समक्ष यही सवाल रखा. श्री राय ने कहा कि रेणुजी जैसी शख्सियत की प्रतिमा का सम्मान किया जाना चाहिए.
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