राष्ट्रीय लोक अदालत में तीन हजार मामले का किया गया निबटारा

Published by :ARUN KUMAR
Published at :10 May 2026 6:48 PM (IST)
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राष्ट्रीय लोक अदालत में तीन हजार मामले का किया गया निबटारा

ट्रैफिक चालान के 143 मामले में 11 लाख 33 हजार 720 रुपये की वसूली

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ट्रैफिक चालान के 143 मामले में 11 लाख 33 हजार 720 रुपये की वसूलीपूर्णिया कोर्ट. शनिवार को इस साल का दूसरी लोक अदालत का आयोजन व्यवहार न्यायालय परिसर में संपन्न हुआ. इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 3 हजार 9 मामले का निष्पादन किया गया.इसमें आपराधिक वाद के 312 मामले निबटाये गये.इनमें दस साल से पुरान 28 मामले और 20 साल पुराने दो मामले शामिल थे. चेक बाउंस के एक, कोर्ट का मनी रिकवरी सूट के 130, बिहार मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा 20 मामले में एक करोड़ 60 लाख 60 हजार में समझौता कर समाप्त किया गया. चाइल्ड लेबर के 3 मामले में 60,000 जुर्माना राशि प्राप्त की गयी. वैवाहिक वाद के 6 मामले, सिविल के एक, बीएसएनएल के 22 मामले में 25 हजार 151 रुपये प्राप्त कर वाद समाप्त किये गये. बिजली के 128 मामले में 6 लाख 41 हजार 249 रुपये की वसूली की गयी. इस राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवहन विभाग द्वारा 143 चालान का निष्पादन किया गया. जिला परिवहन पदाधिकारी शंकर शरण ने बताया कि 143 चालान के मामले में 4 लाख 72 हजार 500 रुपये की छूट देते हुए 11 लाख 33 हजार 720 रुपये की जुर्माना राशि वसूल कर वाद समाप्त किया गया.यातायात पुलिस के 1621 मामले में 22,18,06 रुपये की वसूली की गयी. बैंक द्वारा 622 ममाले में तत्काल वसूली 2 करोड़ 23 लाख 24 हजार रुपये की हुई. जिले के धमदाहा, बनमनखी, बायसी अनुमंडल में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन में 22 बैंचों का गठन किया गया. इससे पहले प्रधान जिला जज कन्हैया जी चौधरी ने इसका उद्घाटन किया. इस मौके पर एएसपी, डीडीसी, एडीएम (लॉ ऑर्डर), अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, लोक अभियोजक, सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, अधिवक्ता गण व पक्षकारगण भी मौजूद थे. अदालत में ट्रैफिक चालान के 18 काउंटर बनाये गये थे. बावजूद काफी भीड़ थी. यहां किये गये चालान को जमा करने में आधी राशि जमा करने से छुट मिली हुई थी. उदाहरण के तौर पर 5000 रुपये जुर्माना किया गया है तो उसका आधी राशि 2500 रुपया जमा कर मामला खत्म कर दिया गया.

वादों के निष्पादन के लिए 18 बैंच गठित

वादों के निष्पादन हेतु 18 बैंचों का गठन किया गया था जिसमें एक न्यायिक पदाधिकारी के अलावा एक पैनल वकील तथा बैंच क्लर्क शामिल थे. इसमें अपर जिला जज क्रमश: द्वितीय देशमुख, ग्यारहवें मो. इनाम खान, 16 वे सेमा दूरम, 13 वें बजरंग चौधरी, चतुर्थ विक्रम कुमार, 15 वे धमेन्दु सिंह, सब जज द्वितीय रंजय कु., प्रथम प्रमोद कु. रंजन, एसडीजेएम रंजना दुबे, सीजेएम रोमी कुमारी, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी क्रमश: राजू कुमार साह, शिवांग श्रीवास्तव, पीयूष चावला, अक्षय नारंग, कमलेश कुमार, पंकज कुमार समेत पैनल वकील क्रमश: संत शिशु चौरसिया, रंजीत कुमार चौधरी, महेश चन्द द्विवेदी, लक्ष्मण प्रसाद, बबीता चौधरी, रूबी कुमारी, रजनी कुमारी, बबीता चौधरी, कुश नाथ, अनिल कु.साह, पियुष प्रत्यय, दीपक प्रकाश, विकाश राज, सुस्मिता कुमारी, मनोज कुमार, राजीव कुमार चौधरी, रूखसार तरन्नूम, गौरीशंकर तथा नवेंदु कु.निराला ने भी शिरकत की.

पक्षकारों की सुविधा के लिए 6 हेल्प डेस्क

पक्षकारों की सुविधा के लिए कैम्पस में ही 6 हेल्प डेस्क बनाये गये थे. जो पक्षकारों को असुविधा होने पर सहायता करते थे. माइकिंग की भी व्यवस्था थी. पर्याप्त पुरुष व महिला पुलिस बल व पीने का पानी की भी व्यवस्था थी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुनील कुमार व लोक अदालत कर्मी पूरे व्यवस्था में जोर-शोर से लगे रहे.

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