दुनिया में खुशी व शांति को बढ़ावा देना आर्ट ऑफ गिविंग का उद्देश्य

Edited by ARUN KUMAR
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दिवस विशेष पर स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित

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दिवस विशेष पर स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित पूर्णिया. आर्ट ऑफ गिविंग दिवस के अवसर पर भट्ठा बंगला मध्य विद्यालय और पूर्णिया उच्च विद्यालय,रामबाग में कार्यक्रम आयोजित किया गया. भट्ठा बंगला मध्य विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए शिक्षक नवीन कुमार ने कहा कि प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. अच्युत सामंत द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ गिविंग यानी देने की कला,एक वैश्विक आंदोलन है जो शांति,सुख और परोपकार की भावना को बढ़ावा देता है. उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य लोगों में सेवा और परोपकार की भावना को जागृत कर एक सकारात्मक और सहिष्णु समाज के निर्माण में जन भागीदारी को सुनिश्चित करना है. प्रधानाचार्य रामदेव दास ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से समाज में सौहार्द, सहयोग और करुणा को बढ़ावा मिलता है और इस वर्ष का थीम ‘नेबरहुड’ और देना एक निस्वार्थ और मददगार कार्य है जो किसी अन्य व्यक्ति की मदद करने की इच्छा से प्रेरित होता है. इस अवसर पर आर्ट ऑफ गिविंग के जिला कॉर्डिनेटर ए के बोस ने कहा कि आर्ट ऑफ गिविंग का उद्देश्य दुनिया में खुशी और शांति को बढ़ावा देना है और यह इस आधार पर शुरू हुआ कि सुख और शांति की तलाश करना एक बुनियादी मानवीय इच्छा और प्रकृति है लेकिन भौतिक खोज के क्रम में कभी कभी सबसे विकसित चरित्र के रूप में मनुष्य इस आंतरिक आदत को खो देते हैं और स्वार्थ पीड़ित हो जाते हैं. इस अवसर पर प्रियंका कुमारी, कनीनिका सर्वाधिकारी, संजय कुमार राय, सुकांत दे,अर्चना कर्मकार और रवि शंकर विश्वास भी उपस्थित थे. इस अवसर पर डॉ अच्युत सामंत द्वारा लिखी पुस्तक भी प्रधानाचार्य को भेंट की गयी.

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