सुदूर गांव में कॉलेज खोलकर रामलाल बाबू ने फैलाया ज्ञान का प्रकाश : कुलपति

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रामलाल महाविद्यालय माधवनगर

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– रामलाल महाविद्यालय माधवनगर में कुलपति ने किया स्मारक की मूर्तियों का अनावरण भवानीपुर. रामलाल महाविद्यालय माधवनगर में बुधवार को कुलपति प्रो. पवन कुमार झा ने कॉलेज के संस्थापक रामलाल सिंह यादव , उनकी धर्मपत्नी रासमणि देवी एवं पुत्र सह पूर्व विधायक सूर्य नारायण सिंह यादव के स्मारक में स्थापित मूर्ति का अनावरण किया. इस मौके पर कुलपति प्रो. पवन कुमार झा ने कहा कि दीया जलाकर घर के अंधेरा को दूर किया जाता है. रामलाल बाबू ने सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में महाविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा रूपी दिया जलाकर लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाकर शिक्षित किया. इस पुनीत कार्य के लिए हमेशा समाज के उन्हें याद रखेगा. कुलपति ने कहा कि जब महाविद्यालय की स्थापना हुई तो धीरे-धीरे इस क्षेत्र का विकास होने लगा . क्षेत्र के लोगों का विचार बदलने लगा और शिक्षा की ओर ध्यान आकर्षित होने लगा. खासकर छात्राओं का इस महाविद्यालय के खुलने से काफी विकास हुआ है. कुलपति ने कहा कि पढ़ाई एक ऐसी व्यवस्था है . पढ़ाई एक ऐसा चीज है जो ना गरीब का है ना अमीर का है . जो सच-सच पढे़गा वही आगे बढ़ेगा. मैं भी एक साधारण किसान का बेटा हूं. हमलोग इस बात को समझ लिए की इंटर के बाद पढ़ना होगा . हमलोगों ने पढ़ाई पर ध्यान दिया जिससे आज मैं इस मुकाम पर पहुंचा हूं. कुलपति ने कहा कि महाविद्यालय को सजाने और संवारने में उनके पुत्र सूर्य नारायण बाबू की अहम भूमिका रही. उन्होंने हमेशा महाविद्यालय की विकास के लिए सतत प्रयास किया. रामलाल बाबू के छोटे पुत्र शिवनारायण यादव एवं उनके पौत्र संजय कुमार समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये. जबकि मंच संचालन डॉक्टर गजाधर प्रसाद यादव एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. मुहम्मद कमाल ने की. कार्यक्रम की शुरुआत श्रुति, शिवानी एवं कोशिकी ने स्वागत गान से की. ————– हिमालय से भी ऊंची सोच का परिणाम है यह कॉलेज : डॉ. कमाल इस मौके पर रामलाल महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मुहम्मद कमाल ने कहा कि यह महाविद्यालय रामलाल बाबू की हिमालय से भी ऊंची सोच का परिणाम है. जहां के बच्चे पर्याप्त प्रतिभा होते हुए भी अपने महत्व तथा अपनी महत्वाकांक्षा अपनी कल्पना से भरी हुई जिंदगी की लड़ाई कर रह जाती थी, उन बच्चों के भविष्य की चिंता करते हुए अंधेरे इलाके में उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में महाविद्यालय की स्थापना रामलाल बापू के महान त्याग और आत्म बलिदान को प्रदर्शित करता है. फोटो. 23 पूर्णिया 13- स्मारक की मूर्ति का अनावरण करते कुलपति प्रो.पवन कुमार झा 14- स्वागत गान गाती छात्रा

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