पूर्णिया में ट्रस्ट की 8.53 एकड़ जमीन खाली, बुलडोजर कार्रवाई से तनाव और हंगामा

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 17 May 2026 2:52 PM

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पूर्णिया में ट्रस्ट की 8.53 एकड़ जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई

Purnia News: कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर, लेकिन बिना नोटिस और अचानक कार्रवाई से भड़का विवाद

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Purnia News: कटिहार से नीरज की रिपोर्ट. पूर्णिया नगर थाना क्षेत्र के गामी टोला में रविवार को ट्रस्ट की विवादित जमीन पर न्यायालय के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई. 8.53 एकड़ भूमि को खाली कराने के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया गया, लेकिन कार्रवाई के तरीके को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

यह भूमि पटियाला स्थित धार्मिक संस्था डेरा समाधान ट्रस्ट के नाम दर्ज बताई जाती है. मामले में लंबे समय से चल रहे विवाद और न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की. हालांकि मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला.

कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

टाइटल केस नंबर 1/2015 में सब जज प्रथम, कटिहार के आदेश के आधार पर इस जमीन को खाली कराने का निर्देश दिया गया था. इसी आदेश के अनुपालन में नाजीर के नेतृत्व में नगर थाना अध्यक्ष कुंदन सिंह सहित पुलिस बल, बीएसएपी, सैप और लाठी दस्ता की टीम मौके पर पहुंची.

जैसे ही प्रशासनिक टीम पहुंची, वहां रह रहे लोगों और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई. स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती बरतते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई.

विरोध के बीच चला बुलडोजर

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ कार्रवाई की गई. उनका कहना है कि वे वर्षों से इस जमीन पर रह रहे थे और उन्हें अचानक हटाया गया.

इस दौरान कुछ महिलाओं को पुलिस ने कस्टडी में लेकर हटाया, जिसके बाद जेसीबी मशीन से निर्माण ढहाने की प्रक्रिया शुरू की गई. मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने का दावा

स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद निचली अदालत के आदेश पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई, जिससे लोग हैरान रह गए.

करीब 50 से अधिक परिवार इस जमीन पर वर्षों से रह रहे थे. कार्रवाई के दौरान उनके घरों का सामान भी अंदर ही पड़ा रह गया.

बिजली शटडाउन नहीं लेने का आरोप

ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान बिजली विभाग से शटडाउन नहीं लिया गया, जिससे बड़ा खतरा पैदा हो सकता था. उनका कहना है कि प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती.

स्थिति तनावपूर्ण, प्रशासन सख्त

हालांकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश के तहत की गई है, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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