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वोटिंग का प्रतिशत बढ़ाने के प्रशासनिक प्रयासों को मिला आयाम, टूटे पुराने रिकार्ड

Updated at : 12 Nov 2025 7:17 PM (IST)
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वोटिंग का प्रतिशत बढ़ाने के प्रशासनिक प्रयासों को मिला आयाम, टूटे पुराने रिकार्ड

वोटिंग का प्रतिशत बढ़ाने के प्रशासनिक प्रयासों को मिला आयाम

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स्वीप कार्यक्रमों ने मतदाताओं को बूथ तक लाने में निभायी अहम भूमिका

शहर से गांव तक अलख जगा गया प्रशासन का मतदाता जागरुकता कार्यक्रम

पूर्णिया. विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार जिला प्रशासन के प्रयासों को आखिर आयाम मिला. मतदान के प्रतिशत ने इस बार तमाम पुराने रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया. चुनाव तो आजादी के बाद 1952 से हो रहा है पर ऐसा पहली बार हुआ है कि मतदान का प्रतिशत का आंकड़ा 70 पार कर 80 को छूने लगा. पूर्णिया में इस बार 76.61 फीसदी मतदान हुआ जबकि इससे पहले 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 56.50 प्रतिशत पर सिमट कर रह गया था. राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि जनादेश चाहे जिसके पक्ष में जाए पर इतना तय है कि मतदान के दिन घरों में सुस्त पड़े रहने वाले वोटर मतदान केन्द्र तक पहुंच गये.

दरअसल, मतदान के प्रतिशत में हुई बढ़ोत्तरी को प्रशासनिक प्रयासों का सुखद परिणाम माना जा रहा है. पूर्णिया के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाची पदाधिकारी अंशुल कुमार ने स्वीप अभियान के तहत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ अलग-अलग माध्यमों से मतदाता जागरुकता कार्यक्रम चलाया जो शहर से गांव तक अलख जगा गया. जिलाधिकारी श्री कुमार के दिशा निर्देशन में स्वीप कोषांग द्वारा न सिर्फ मतदाता जागरूकता वाहनों को ही हरी झंडी दिखाई गयी बल्कि इस कार्य में शिक्षण कार्य से जुड़े लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा, आंगनबाड़ी कर्मियों सहित विभिन्न प्रखंडों में जीविका, महिला समूहों आदि की मदद से अनेक प्रकार के आयोजन किये गये. इस दौरान मतदाता जागरूकता रैली, खेल प्रतियोगिता, मैराथन दौड़, नुक्कड़ नाटक, शपथग्रहण, गीत संगीत, मेंहदी लगाना, रंगोली आदि जैसे आयोजन लगातार किये गये. प्रेक्षकों का मानना है कि मतदाताओं पर इसका जबरदस्त असर हुआ जिससे 11नवम्बर को वे अपने मतदान केन्द्र तक खींचे चले आए.

मॉडल और पिंक बूथ भी बने आकर्षण के केन्द्र

अहम यह रहा कि जिला प्रशासन ने वैसे सभी स्थानों पर अपने स्वीप अभियान पर अत्यधिक बल दिया जहां बीते चुनावों में मतदान का प्रतिशत कम रहा था. उन सभी स्थानों को चिन्हित कर लगातार उन स्थानों पर सघन मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाया. वैसे, मॉडल बूथ, पिंक बूथ, मतदान केन्द्रों पर सेल्फी पॉइंट, बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा आदि ने भी मतदाताओं के लिए आकर्षण का केन्द्र बना. इसी का फलाफल माना जा रहा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में जिले के मतदाताओं ने पिछले सारे मतदान के रिकॉर्ड तोड़ दिए और इस दफा जिले के कुल 20 लाख 93 हजार 212 मतदाताओं में से 16 लाख 03 हजार 632 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जो 76.61 फीसदी रहा.

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चुनाव के नये-पुराने आंकड़ों पर एक नजर

प्रखंड विधानसभा लोकसभा विधानसभा विधानसभा

2015 2019 2020

2025

अमौर 60.02 65.81 56.50 73.97

बायसी 65.19 68.44 61.84 78.08

कसबा 68.79 69.63 68.38 81.86

बनमनखी 58.01 61.79 57.10 70.77

रूपौली 61.99 62.54 56.50 75.34

धमदाहा 65.16 65.72 56.80 76.82

पूर्णिया 65.33 63.05 57.23 79.95

——————————————————————–कुल 63.42 65.28 59.03 76.61

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH CHANDRA

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By AKHILESH CHANDRA

AKHILESH CHANDRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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