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सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत अब प्रसव पूर्व तीन जांच जरूरी

Updated at : 21 Jul 2025 7:28 PM (IST)
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सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत अब प्रसव पूर्व तीन जांच जरूरी

गर्भवती महिलाओं और होने वाले शिशु को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को और मजबूत किया गया है.

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पूर्णिया. गर्भवती महिलाओं और होने वाले शिशु को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को और मजबूत किया गया है. इसके तहत गर्भवती महिलाओं और होने वाले शिशु की जांच और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नई शुरुआत की गयी है. अब सभी सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व तीन बार जांच की जायेगी. इससे गर्भवती महिलाओं को नजदीकी अस्पताल में समय पर जांच करते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जायेगी, इससे गर्भवती महिला और होने वाले शिशु बिल्कुल स्वस्थ और सुरक्षित रह सकेंगे. डीएम अंशुल कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच नियमित रूप से हो ताकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हो और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आ सके.

पूर्व में दो बार होती थी प्रसव पूर्व जांच

सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और होने वाले शिशु को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में हर माह के 9 और 21 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जाता था, लेकिन अब गर्भवती महिलाओं और होने वाले शिशु की स्वास्थ्य जांच और उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक माह के 3 दिन प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी. इसके लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 9, 15 और 21 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जायेगा.

गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार जरूरी

डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि प्रसव पूर्व जांच में ब्लड शुगर, हाई ब्लडप्रेशर, एनीमिया आदि की जांच करते हुए गर्भवती महिलाओं और होने वाले शिशु की स्वस्थ की जानकारी ली जाती है और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जाती है. वहीं डीपीसी डॉ सुधांशु शेखर ने बताया कि जटिल स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं को विशेष श्रेणी में रख करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 तारीख को उनकी विशेष जांच कराई जायेगी. उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को ध्यान रखना चाहिए कि समय से संतुलित आहार एवं अपने भोज्य पदार्थ में विटामिन्स को आवश्यक रूप से शामिल करें. उन्होंने प्रतिदिन हल्का व्यायाम भी करने की सलाह दी ताकि वे तनाव से दूर रह सकें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATYENDRA SINHA

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By SATYENDRA SINHA

SATYENDRA SINHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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