कोसी-मेची लिंक परियोजना की सुस्त गति पर सांसद ने मांगा जवाब

पूर्णिया
पूर्णिया. बिहार में सिंचाई और बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी लंबित परियोजनाओं को लेकर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने संसद का ध्यान आकृष्ट कराया. सांसद पप्पू यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021-26 की अवधि के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी मिलने के बाद एआईबीपी के तहत 19 नई वृहद और मध्यम सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं. इनमें बिहार से जुड़ी दो अहम परियोजनाएं शामिल हैं. इनमें कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना से अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों को लाभ मिलेगा. जबकि नॉर्थ कोयल परियोजना बिहार के औरंगाबाद और गया के साथ झारखंड के पलामू और गढ़वा जिलों को लाभान्वित करेगी. इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिंचाई क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बाढ़ और सूखे की समस्या को कम करना है. सरकार के अनुसार कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना लगभग 6282.32 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से चल रही है. हालांकि अब तक इस परियोजना पर करीब 132 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं. इसकी निर्धारित समयसीमा मार्च 2029 रखी गई है, लेकिन वर्तमान में इसकी वास्तविक प्रगति महज 4 प्रतिशत ही दर्ज की गई है. सांसद पप्पू यादव ने इस धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र हर साल बाढ़ और सूखे की दोहरी मार झेलता है, इसलिए ऐसी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना अत्यंत आवश्यक है. सांस पप्पू यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से पूछा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार में स्वीकृत वृहद और मध्यम सिंचाई तथा बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति क्या है.सांसद ने जिलावार जानकारी, परियोजनाओं की समयसीमा, सिंचाई क्षमता, खर्च की गई राशि और देरी के कारणों का भी विस्तृत ब्योरा मांगा. उन्होंने यह भी जानना चाहा कि बार-बार बाढ़ और सूखे से जूझ रहे बिहार में इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए सरकार कौन-कौन से निगरानी तंत्र अपना रही है. संसद में पप्पू यादव द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि वर्ष 2016-17 के दौरान देशभर में 88 परियोजनाओं में कमान क्षेत्र विकास सहित कुल 99 चल रही वृहद और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की पहचान की गई थी, जिन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत शामिल किया गया. इनमें बिहार की दो प्रमुख परियोजनाए रोहतास और कैमूर जिले को लाभ पहुंचाने वाली दुर्गावती परियोजना तथा पटना, अरवल और जहानाबाद जिलों को लाभ देने वाली पुनपुन बैराज परियोजना को भी शामिल किया गया. इन परियोजनाओं को कमान क्षेत्र विकास और जल प्रबंधन के साथ पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के अंतर्गत लागू किया जा रहा है.
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