गैस संकट के बीच बलड़ी को ईंधन बनाने से मक्का किसानों की पौ बारह

Updated at : 06 Apr 2026 6:44 PM (IST)
विज्ञापन
गैस संकट के बीच बलड़ी को ईंधन बनाने से मक्का किसानों की पौ बारह

रसोई गैस के वैकल्पिक ईंधन के रूप में बलड़ी को अपनाये जाने से मक्कांचल से चर्चित रूपौली प्रखंड के मक्का किसानों की पौ बारह हो गयी है.

विज्ञापन

विजय कुमार सिंह, रूपौली(पूर्णिया). रसोई गैस के वैकल्पिक ईंधन के रूप में बलड़ी को अपनाये जाने से मक्कांचल से चर्चित रूपौली प्रखंड के मक्का किसानों की पौ बारह हो गयी है. मक्का से मुनाफा कमाने के बाद अब अवशेष के रूप में बलड़ी से भी किसानों को आमदनी हो रही है. ऐसा पहली बार हुआ है कि मकई का दाना निकाले जाने के बाद खेत-खलिहान से ही बलड़ी की बिक्री हो जा रही है. दरअसल, ग्रामीण इलाकों में 45 दिन पर गैस की डिलिवरी निर्धारित की गयी है. इसके साथ ही कॉमर्शियल सिलेंडर पर भी दबाव है. ऐसे में ग्रामीण इलाकों में मिठाई, चाय नाश्ता के दुकानदार ईंधन के रूप में बलड़ी का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं. इससे मक्का किसानों की बांछें खिल गयी हैं. बघवा के मक्का किसान पंकज यादव बताते हैं कि पहली बार देखने को मिल रहा है कि खेत-खलिहान आकर दुकानदार बलड़ी खरीद रहे हैं. इससे किसानों को अतिरिक्त मुनाफा हो रहा है.

कोयला-लकड़ी से सस्ती है बलड़ी

मिठाई दुकानदार संतोष यादव बताते हैं कि बाजार में कोयला 11 रुपये और लकड़ी 12 रुपये किलो मिल रही है, जबकि 5 रुपये किलो के हिसाब से बलड़ी मिल जा रही है. अन्य ईंधन की अपेक्षा सस्ता होने के कारण वे लोग बलड़ी जलाकर अपनी दुकान में मिठाई व अन्य खाद्य सामग्री बना रहे हैं.

केवल मखाना सीजन में होती थी बलड़ी की मांग

रूपौली प्रखंड के किसानों का कहना है कि बलड़ी की मांग आमतौर पर नवंबर में मखाना सीजन में होती है. तबतक बलड़ी का भंडारण करना आसान नहीं है. बरसात में अधिकांश बलड़ी सड़ जाती है. जिनकी बचती है तो वे ही बलड़ी बेच पाते हैं. वह भी अधिक से अधिक 4 रुपये किलो ही नसीब होता है.

——————–

‘मकई का बलड़ी’ का तात्पर्य

‘मकई का बलड़ी’ का तात्पर्य मक्का के उस भीतरी सख्त हिस्से ( डंठल) से है जिस पर मकई के दाने लगे होते हैं. सूखे भुट्टे के डंठल एक कुशल और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन हैं, जिनका उपयोग आग जलाने के लिए किया जाता है.

विज्ञापन
Abhishek Bhaskar

लेखक के बारे में

By Abhishek Bhaskar

Abhishek Bhaskar is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन