निगम की निविदा रद्द करने के निर्णय की जांच करे सरकार : डाॅ आलोक राज
Published by : ARUN KUMAR Updated At : 31 Mar 2026 6:12 PM
डाॅ आलोक राज बोले
पूर्णिया. बिहार संवेदक संघ के प्रवक्ता डॉ. आलोक राज ने पूर्णिया नगर निगम के निविदा आमंत्रण को रद्द किये जाने के निर्णय को असंवैधानिक और विकास विरोधी बताया है. उन्होंने कहा कि एक निविदा को डालने में संवेदक को लगभग बीस हजार का खर्च वहन करना पड़ता है. यह राशि निविदा नियमावली के अनुरूप संवेदक को निविदा रद्द होने के बाद वापस नहीं की जा सकती. छोटे संवर्ग के संवेदक के लिए यह बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान है. निविदा रद्द करने का निर्णय संवेदक के अहित में है.आखिर निविदा में क्या गड़बड़ी थी? यह गड़बड़ी किसके कारण हुई या जानबूझकर इस निविदा को रद्द करने का निर्णय लिया गया, यह लाख टके का सवाल है. उन्होंने इसकी जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की मांग की है. डा. राज का कहना है कि इस निर्णय से न केवल सरकार को नुकसान हुआ बल्कि संवेदकों भी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी. उन्होंने कहा कि मानसनू आनेवाला है. ऐसे में इस निविदा को रद्द कर देना कहीं से उचित नहीं प्रतीत होता है. बिहार संवेदक संघ सरकार से मांग करती है कि सरकार के द्वारा जो हाल फिलहाल में यह निर्णय लिया गया है, उसकी जांच स्पेशल बिजनेस यूनिट से कराई जाये. अगर इस पर कोई पहल नहीं हुई तो संघ इसके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटायेगा.
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