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श्रीविधि से धान लगाने को किसानों को किया जागरूक

Updated at : 20 Jun 2025 7:51 PM (IST)
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श्रीविधि से धान लगाने को किसानों को किया जागरूक

श्रीनगर

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श्रीनगर. एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से संपोषित व केजीविके के द्वारा संचालित हृदय परियोजना के माध्यम से प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत खुंट्टी हसेली पंचायत के देवीनगर गांव एवं सिंघिया पंचायत के सिंघिया भगता गांव में श्रीविधि तकनीक से धान लगाने हेतु धान वितरण सह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया. प्रशिक्षण हृदय परियोजना के सहायक प्रबंधक पूनम कुमारी एवं शिव कुमार प्रशिक्षण दे रहे थे. उन्होंने बताया कि श्रीविधि तकनीक से धान लगाने से किसानो को कम लागत में अच्छी पैदावार होती है. तकनीक मे बीज ,खाद ,मजदूरी और पानी परंपरगत विधि के मुकाबले कम लगता है. उन्होंने आगे बताया कि श्री विधि तकनीक से धान लगाने के लिए दस से बारह दिन का बिचड़ा की आवश्यकता होती है . इसको बारह इंच की दूरी पर प्रत्येक बिचड़ा का पौधा लगाना चाहिए जिससे कारण प्रत्येक एकड़ में ढाई किलों से लेकर तीन किलो धान बीज की आवश्यकता पड़ती है. इसके अलावा बिचड़ा लगाने के बाद पंद्रह एवं पंद्रह दिनों के अंतराल में तीन बार विडर चलाया जाता है जिससे खेत में उपजे खर पतवार जमीन के अंदर सड़कर खाद बन जाते है और वह नाइट्रोजन की मात्रा को बढ़ाता है . इसके कारण खाद की भी आवश्यकता कम पड़ती है. इस दरम्यान केजीविके के सहायक प्रबंधक धर्मेन्द्र तिवारी ने बताया कि हृदय परियोजना के माध्यम के किसानों को कम से कम लागत में अधिक से अधिक उत्पादन कैसे हो सके इसके लिए श्री विधि तकनीक से धान लगाने के लिए चयनित सभी छह ग्रामों में प्रशिक्षण सह धान वितरण का आयोजन किया जा रहा है. इस प्रशिक्षण में बीज उपचार, बिचड़ा तैयार बिचड़ा लगाने ,विडर चलाने आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रशिक्षण में ग्राम विकास समिति के सदस्य, महिला समूह के सदस्य और ग्रामीण दर्जनों की संख्या में उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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