सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ : पप्पू यादव

Updated at : 06 Apr 2026 6:25 PM (IST)
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सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ : पप्पू यादव

देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज को लेकर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया.

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सामाजिक सुरक्षा के सवाल पर सांसद ने केंद्र सरकार से पूछे सवाल पूर्णिया. देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज को लेकर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया. सांसद ने सरकार से पूछा कि क्या सरकार ने देश के 95 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा, कवरेज और संरक्षण प्रदान किया है? इसके जवाब में केंद्र सरकार ने दावा किया कि देश के करीब 94 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज के दायरे में लाया गया है, लेकिन पप्पू यादव का जोर इस बात पर रहा कि सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचना सबसे बड़ा पैमाना होना चाहिए, खासकर बिहार और पूर्णिया जैसे पिछड़े इलाकों में. इसी संदर्भ में सांसद पप्पू यादव ने यह भी कहा कि पूर्णिया, सीमांचल और बिहार के गरीब, मजदूर, किसान, विधवा, दिव्यांग, छात्र और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को इन योजनाओं का वास्तविक लाभ किस हद तक मिल रहा है, इसकी जमीनी समीक्षा जरूरी है. उनका मानना है कि सामाजिक सुरक्षा की सबसे अधिक जरूरत उन क्षेत्रों में है जहां गरीबी, पलायन, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी सबसे ज्यादा है. उन्होंने विशेष रूप से पूर्णिया जैसे इलाकों में योजना की पहुंच, पात्रता, लाभ वितरण और जिला-वार पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया. वहीं, सरकार की ओर से सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़ों के अनुसार भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 के 19 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 64.3 प्रतिशत हो गया है. सरकार ने इस विस्तार का श्रेय जनधन, आधार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी व्यवस्थाओं को दिया. साथ ही प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन, पीएम-किसान, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, छात्रवृत्ति योजनाएं और दिव्यांगजन सहायता योजनाएं जैसे कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया. सांसद ने कहा कि यदि सरकार 94 करोड़ लोगों को कवरेज देने का दावा कर रही है, तो पूर्णिया सहित बिहार के प्रत्येक जिले में लाभार्थियों की सटीक, पारदर्शी और सार्वजनिक जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि असल तस्वीर स्पष्ट हो सके.सांसद पप्पू यादव ने साफ कहा है कि सामाजिक सुरक्षा का मतलब केवल योजना बनाना नहीं, बल्कि गरीब तक सम्मानपूर्वक और समय पर उसका लाभ पहुंचाना है. संसद में उठी यह आवाज अब पूर्णिया के लोगों के लिए उम्मीद बनकर देखी जा रही है कि आने वाले समय में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा.

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