दूसरे के बदले नीट का एग्जाम देने के लिए 20 लाख की हुई थी डील, चार धराये

Published at :06 May 2024 10:38 PM (IST)
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Purnia University

चार धराये

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प्रतिनिधि, पूर्णिया. स्थानीय एसआर डीएवी स्कूल में रविवार को आयोजित नीट की परीक्षा देते चार मुन्ना भाई को रंगे हाथ पकड़ लिया गया. पकड़े गये सभी डमी कैंडिडेट दूसरे छात्र की जगह परीक्षा दे रहे थे. एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि नीट के एग्जाम में चार युवक को दूसरे छात्र के पेपर देने को लेकर गिरफ्तार किया गया है. इन सभी ने अपना-अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पकड़े गये सभी युवक एमबीबीएस के छात्र हैं. इस संबंध में स्थानीय मधुबनी थाना में इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. पकड़े गये डमी कैंडिडेट से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि सभी चार अभ्यर्थियों को नीट की परीक्षा पास कराने में कुल 20 लाख रुपये की डील तय हुई थी. दरअसल, रविवार को नीट की परीक्षा ठीक 2 बजे शुरू हो गयी थी. परीक्षा शुरू होने के करीब दो घंटे बाद पर्यवेक्षक को इनकी हरकतों को देखकर उनपर शक हुआ. इसके बाद पूछताछ में डमी कैंडिडेट होने का भांडा फूटा. डमी कैंडिडेट में एक राजस्थान के जालौर और अन्य भोजपुर, बेगूसराय और सीतामढ़ी जिले के हैं. ये सभी मेडिकल स्टूडेंट्स बताये जा रहे हैं. इस मामले में पकड़े गये डमी कैंडिडेट में राजस्थान के जालौर जिले के सांचौर थाना के खाका राम गांव निवासी कमलेश कुमार है. कमलेश अभ्यर्थी धीरज प्रकाश की जगह परीक्षा का पेपर लिख रहा था. वहीं दूसरे की पहचान भोजपुर जिले के बिहियां गांव के वार्ड 2 निवासी नीतीश कुमार के रूप में हुई है. नीतीश अभ्यर्थी आशीष की जगह एग्जाम दे रहा था. तीसरे की पहचान बेगूसराय जिले के मटिहानी थाना के रामदीरी अंतर्गत नकती टोला वार्ड 6 निवासी सौरभ कुमार के रूप में हुई है. सौरभ अभ्यर्थी तथागत कुमार की जगह पेपर दे रहा था, जबकि चौथे की पहचान सीतामढ़ी जिले के चौरोथ थाना के बड़ी बिहटा गांव के वार्ड 4 निवासी मयंक चौधरी उर्फ कृष्णा कुमार के रूप में हुई है. मयंक दीपक कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था. पास होने के बाद 5-5 लाख देने का किया गया था वायदा. पकड़े गये डमी कैंडिडेट से पूछताछ में एक खुलासा हुआ है कि सभी चार अभ्यर्थियों को नीट की परीक्षा पास कराने में कुल 20 लाख रुपये की डील तय हुई थी. पेपर में पास होने के बाद प्रति कैंडिडेट 5 लाख मिलने थे. डमी कैंडीडेट मयंक चौधरी ने बताया कि वे सभी मेडिकल के स्टूडेंट्स हैं. किसी थर्ड पर्सन के जरिये ये डील 20 लाख में फिक्स हुई थी. वे उनकी पहचान नहीं बता सकते. 5-5 लाख करके चारों डमी कैंडिडेट में बांटें जाने थे. अभी सिर्फ खर्चा पानी के लिए पैसे मिले थे. पेपर पूरे हो जाने पर बाकी के रकम दिये जाते. पर्दे के पीछे कौन है, तलाश रही पुलिस. पेपर लिखते समय उनके फोटो मिलान के लिए आये एग्जामिनर को उन लोगों पर शक हुआ. पेपर लिखकर वे जैसे ही एग्जाम सेंटर से निकल रहे थे, उन्हें रोक लिया गया. इधर, जांच में जुटी पूर्णिया पुलिस, जिनके बदले ये सभी परीक्षा में बैठे थे, उनकी जानकारी जुटा रही है. इस संबंध में सभी से कड़ाई से पूछताछ जारी है. इन सब के पीछे कौन लोग हैं, पुलिस इन सभी बिंदुओं का पता लगा रही है.

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